लखनऊ: होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति लोगों तक पहुंचाने का लिया संकल्प
लखनऊ। होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति को इस नये वर्ष में जन-जन तक पंहुचाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे इसका पूरा-पूरा फायदा स्वास्थ्य लाभ के लिए आम जनता को मिल सके। यह विचार आज यहां होम्योपैथिक साइंस कांग्रेस सोसाइटी के तत्वावधान में अग्रवाल प्लाजा, सी ब्लॉक, इंदिरा नगर में लाइफ लाइन होम्यो क्लिनिक परिसर में आयोजित होम्योपैथी …
लखनऊ। होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति को इस नये वर्ष में जन-जन तक पंहुचाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे इसका पूरा-पूरा फायदा स्वास्थ्य लाभ के लिए आम जनता को मिल सके। यह विचार आज यहां होम्योपैथिक साइंस कांग्रेस सोसाइटी के तत्वावधान में अग्रवाल प्लाजा, सी ब्लॉक, इंदिरा नगर में लाइफ लाइन होम्यो क्लिनिक परिसर में आयोजित होम्योपैथी के विकास के लिए नये वर्ष के संकल्प विषय संगोष्ठी में केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के पूर्व सदस्य डॉ. अनुरूद्व वर्मा ने व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में होम्योपैथी विधा में निहित संभावनाओं के बावजूद उनका का पूरा लाभ नहीं उठाया जा सका। उन्होंने कहा कि सरकार को होम्योपैथी की उपेक्षा के बजाय जन स्वास्थ्य का विकल्प का गुण रखने वाली पद्धति को विकास के पूरे अवसर उपलब्ध कराना चाहिये। होम्योपैथिक औषधि अनुसंधान संस्थान के पूर्व सहायक निदेशक डॉ. एके गुप्ता ने कहा कि होम्योपैथी में शरीर पर बिना किसी दुष्प्रभाव के रोगों का उपचार करने की क्षमता है।
डॉ. आरके सिंह ने कहा कि होम्योपैथी के चिकित्सकों को इसे पद्धति को बढ़ाने के लिए आगे आना चाहिए। डॉ. नीशान्त श्रीवास्तव ने कहा कि कहा कि हमें संकल्पों के साथ इसके विकास का बीड़ा उठाना चाहिए।
वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसएस यादव ने कहा कि होम्योपैथी में रोगों के क्योर के साथ-साथ बचाव की भी क्षमता निहित है। संगोष्ठी को डॉ. ऐके राय, डॉ. चौधरी जेएन सिंह, डॉ. अरूण प्रकाश, डॉ. हर्षित कुमार, डॉ. आशीष वर्मा, डॉ. अवधेश द्विवेदी, डॉ. लता वर्मा, अभिषेक वर्मा आदि ने संबोधित किया। इसके पूर्व चिकित्सकों ने डॉ. हैनिमैन के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की एवंम होम्योपैथी के विकास के लिए संकल्प लिया।
