बरेली: मौसम विभाग की चेतावनी पर भी नहीं ध्यान, भीग गया हजारों क्विंटल धान

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। जिले में नये साल से मौसम खराब चल रहा है। इसे लेकर मौसम विभाग भी लगातार जिले में बारिश होने की चेतावनी देता रहा। जिला प्रशासन की तरफ से भी केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। इसके बावजूद धान की सुरक्षा को लेकर अफसरों की बेपरवाही सामने आई है। …

बरेली, अमृत विचार। जिले में नये साल से मौसम खराब चल रहा है। इसे लेकर मौसम विभाग भी लगातार जिले में बारिश होने की चेतावनी देता रहा। जिला प्रशासन की तरफ से भी केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। इसके बावजूद धान की सुरक्षा को लेकर अफसरों की बेपरवाही सामने आई है।

रविवार देर शाम हुई बारिश से अन्नदाता के खून-पसीने की कमाई चंद मिनटों में बर्बाद हो गई। बारिश से हजारों क्विंटल धान भीगा तो किसानों के होश उड़ गए। लाज बचाने को खुले आसमान के नीचे रखा यह धान रोड पर सुखाया जा रहा है। जब दैनिक ‘अमृत विचार’ ने इस मामले को जिलाधिकारी नितीश कुमार के संज्ञान में लगाया तो उन्होंने धान खरीद के अधिकारी को फोन कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिये। कहा कि धान किसी सेंटर पर भीगना नहीं चाहिए।

जिले में एक अक्टूबर से प्रारंभ हुई धान खरीद को लेकर अफसर केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त होने का दावा करते रहे लेकिन अंतिम चरण में भी धान तुलाई और परिवहन की विकराल हुई समस्या का समाधान नहीं करा सके। यही वजह रही कि रविवार देर शाम हुई बारिश से शहर स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति में केंद्रों के बाहर रखी धान की सैकड़ों बोरी भीगने के कारण खराब होने की कगार पर पहुंच गया है। हालांकि, तुली हुई बोरी को बारिश से बचाने के लिए उनके ऊपर केंद्र प्रभारियों ने प्लास्टिक का तिरपाल डाल दिया। इसके अलावा काफी मात्रा में धान केंद्रों के बाहर सुखाने के लिए डाला गया है मगर धान भीगने से किसानों के साथ-साथ अफसरों की चिंता भी बढ़ गई है।

बताया जाता है कि ग्रामीण इलाकों में कुछ जगह तो रात में धान की पहरेदारी कर रहे किसानों ने तो तिरपाल आदि की व्यवस्था कर किसी तरह अपना धान भीगने से बचा लिया लेकिन केंद्र प्रभारियों द्वारा खरीदा गया धान भीग गया। सर्वाधिक नुकसान शहर स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति के अलावा बहेड़ी स्थित केंद्रों पर रखे धान को पहुंचा है। इधर, कृषि विशेषज्ञों का कहना है शत-प्रतिशत धान कट चुका है। जिन्होंने धान बेचने को खेतों से उठान नहीं किया उन्हें नुकसान पहुंचा है। इधर, किसानों का कहना है पहले भाव ने नुकसान पहुंचा और अब बारिश ने धान भिगोकर परेशानी बढ़ा दी है। अब धान सुखाने के बाद ही उसकी बिक्री होनी तय है।

करोड़ों रुपये खर्च, धान बचाने के इंतजाम नाकाफी
धान खरीद के बाद इसके उठान को लेकर व अन्य सभी तरह की व्यवस्थाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए ताकि किसानों को किसी तरीके की असुविधा न हो मगर हकीकत इसके उलट है। खरीद शुरू होने के कुछ समय बाद धान के बोरों की किल्लत बनी रही। इसके बाद धान की सुरक्षा व्यवस्था के दावे धरे रह गये। इधर, बताया जाता है कि रविवार दोपहर से ही जिले में बारिश होने की खबरें आ रही थीं लेकिन समय रहते जिम्मेदारों ने सुध नहीं ली। किसानों का कहना है कि अफसरों ने देर शाम तक भी अगर थोड़ी बहुत गंभीरता दिखाई होती तो सैकड़ों क्विंटल धान भीगने से बच जाता। हालांकि, विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि क्रेंद्रों पर तिरपाल आदि की सभी व्यवस्थाएं पूर्ण हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ केंद्रों पर धान भीगने की जानकारी मिली है।

खराब हो सकता है धान
बोरियों में रखा धान यदि खोलकर सुखाया नहीं गया तो खराब हो जाएगा। इस स्थिति में धान अंकुरित हो सकता है। फफूंदी लग सकती है। जानकार बताते हैं कि भीगा हुआ धान समय पर नहीं सूखेगा तो उसका खराब होना स्वाभाविक है। फिलहाल केंद्र प्रभारी तेजी से धान के उठान में जुटे हुए हैं। वहीं, ढेरियों में रखा धान सुखाने में किसान जुटे हैं। हालांकि, दावा किया जा रहा है कि ढेरियों में लगे धान को सुखाने में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी।

53 केंद्र बंद, जिले के 85 केंद्रों पर चल रही खरीद
जिले में 41 हजार किसानों से करीब दो लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। धान खरीद से जुड़े अफसरों का कहना है कि किसी एजेंसी ने लक्ष्य पूरा दिखाया तो किसी ने आर्थिक दिक्कत बताकर केंद्र सरेंडर करने को पत्र लिखा था। इसके बाद जिले के कुल 138 केंद्रों में से 53 केंद्र बंद कर दिए हैं। बंद केंद्रों में यूपीएसएस, नैफेड, पीसीयू आदि एजेंसी के क्रय केंद्र शामिल हैं।

सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद का बुरा हाल है। धान भीगने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब सरकारी नियमों के मुताबिक नमी की जांच करने पर नमी बढ़ जाएगी। धान बोरे में होने के चलते सुखा भी नहीं सकते। भीगे धान के खराब होने की आशंका बनी है। -सुरेश सिंह, किसान बिथरी चैनपुर ब्लाक

सरकारी केंद्र पर धान की खरीद लगभग पूरी हो चुकी है। केंद्रों पर टीन शेड में रखे धान के अलावा केंद्र के बाहर रखी धान की बोरियों का उठान नहीं होने तक तिरपाल आदि की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश केंद्र प्रभारियों को जारी किए गए थे। धान अगर केंद्र प्रभारी की लापरवाही से भीगा है तो निश्चित ही कार्रवाई की जाएगी। -राममूर्ति वर्मा, आरएमओ

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