देहरादून :नर्सिंग स्टाफ की भर्ती में युवाओं को बड़ा तोहफा
देहरादून,अमृत विचार। प्रदेश में आगामी नर्सिंग भर्ती के मानकों में अब संशोधन तय हो गया है। तमाम स्थानों पर बेरोजगारों और इस मुद्दे पर कांग्रेस के मुखर विरोध के बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संशोधन के लिए प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव को निर्देशित किया है। संशोधन के तहत मानकों में संशोधन का प्रस्ताव बनाया …
देहरादून,अमृत विचार। प्रदेश में आगामी नर्सिंग भर्ती के मानकों में अब संशोधन तय हो गया है। तमाम स्थानों पर बेरोजगारों और इस मुद्दे पर कांग्रेस के मुखर विरोध के बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संशोधन के लिए प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव को निर्देशित किया है। संशोधन के तहत मानकों में संशोधन का प्रस्ताव बनाया जाएगा जिसे बाद में कैबिनेट में पेश किया जाएगा।
बता दें कि प्रदेश में नर्स भर्ती की प्रक्रिया के 1200 से ज्यादा पदों पर नर्सिंग स्टाफ की भर्ती होने जा रही है। लेकिन भर्ती के लिए 30 बेड के अस्पताल से एक साल के अनुभव और फार्म 16 की अनिवार्यता के कारण कई नर्सिंग प्रशिक्षित युवा इसमें भाग लेने से वंचित हो रहे थे। इस पर नर्सिंग प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन देकर मानकों में ढील देने की मांग की थी।
जिससे अधिक से अधिक नर्सिंग प्रशिक्षित युवा इसमें भाग ले सकें। इसके अलावा कांग्रेस ने इस मुद्दे को हाथोंहाथ लेते प्रदेश कई स्थानों में धरना-प्रदर्शन किए थे। इस मुद्दे पर मंगलवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में कांग्रेसी नेताओं ने उपवास कार्यक्रम रखा था। उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वास्थ्य सचिव को मानकों में संशोधन का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने बेरोजगार युवाओं के ज्ञापन का संज्ञान लेकर प्रस्ताव को कैबिनेट में पेश करने के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि 30 बेड के अस्पताल में एक साल के अनुभव की शर्त को हटा दिया जाए। स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने बताया कि इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में दिया जाएगा। इस संशोधन के बाद फार्म 16 की अनिवार्यता भी खुद ही खत्म हो जाएगी।
कोरोना से जंग जीतकर काम पर लौटे सीएम
देहरादून। कोरोना से जंग जीतने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार से दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर कामकाज शुरू कर दिया। दिल्ली एम्स से डिस्चार्ज होने के बाद मुख्यमंत्री दिल्ली आवास पर आइसोलेट थे। मंगलवार को उनका आइसोलेशन समय पूरा हो गया और उन्होंने प्रदेश के विकास कार्यों के तमाम फाइलें देखीं। उच्चाधिकारियों ने और प्रदेश के तमाम मंत्रियों ने भी सरकारी आवास पर जाकर सीएम से भेंट की।
