हल्द्वानी : वाहन रोक सड़क किनारे कराया प्रसव, मेडिकल टेक्नीशियन ने बचायी दो जानें
हल्द्वानी,अमृत विचार। गौलापार में बुधवार को 20 वर्षीय विवाहिता की प्रसव पीड़ा बढ़ने पर 108 एंबुलेंस में उसका प्रसव कराया गया। प्रसव के दौरान बच्ची के गले में नाल लिपटी हुई थी, लेकिन इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की सूझबूझ से नॉर्मल डिलीवरी कराई गई। डिलीवरी के बाद जच्चा बच्चा को महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया …
हल्द्वानी,अमृत विचार। गौलापार में बुधवार को 20 वर्षीय विवाहिता की प्रसव पीड़ा बढ़ने पर 108 एंबुलेंस में उसका प्रसव कराया गया। प्रसव के दौरान बच्ची के गले में नाल लिपटी हुई थी, लेकिन इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की सूझबूझ से नॉर्मल डिलीवरी कराई गई। डिलीवरी के बाद जच्चा बच्चा को महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बुधवार सुबह आठ बजकर 40 मिनट पर गौलापार किशनपुर के दिनेश ने पत्नी दुलारी को डिलीवरी पेन होने पर 108 चिकित्सा सेवा पर फोन कर सहायता मांगी। इसके बाद 15 मिनट के बाद ईमटी सीपी टम्टा एंबुलेंस के ड्राइवर के साथ वहां पहुंच गए। किशनपुर से दो-तीन किमी के दायरे से बाहर ही आए थे कि दुलारी का दर्द काफी बढ़ गया। जिसके बाद गर्भवती महिला की हालत को देखते हुए एंबुलेंस में तैनात इएमटी सीपी टम्टा ने चिकित्सक को फोन मिलाया और उनके निर्देश पर वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर प्रसव कराना शुरू किया।
इस दौरान नवजात के गले में नाल फंस जाने पर गंभीर स्थिति होने पर भी फोन से चिकित्सक से निर्देश लेते हुए सफल प्रसव कराया गया। 9 बजकर 15 मिनट पर दुलारी ने 108 चिकित्सा वाहन में एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। वाहन में स्वस्थ कन्या के जन्म लेने से परिजनों में खुशी छा गई। परिजनों ने इसे मातारानी बताते मां दुर्गा का आशीर्वाद बताया है। डिलीवरी के बाद उसे महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉ. अल्पना पांडे ने बताया कि जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
ईमटी टम्टा ने बताया कि वह पिछले आठ सालों में अब तक 50 से ज्यादा डिलीवरी करा चुके हैं। इस तरह की स्थितियां बनने पर अनुभवी चिकित्सकों का परामर्श लेकर प्रसव कराया जाता है।
