बरेली: बिना पीएसी के कार्रवाई करने से डर रहे कर्मचारी, रेलवे इंटेलीजेंस सतर्क
अमृत विचार, बरेली। शाहदाना की रेलवे जमीन खाली कराने के लिए चलाया जा रहा अतिक्रमण अभियान गुरुवार को अचानक से रुक गया। टीम ने पूरे दिन सिर्फ निशान लगाकर टीम चली गई। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वह अब आगे का अतिक्रमण तब तक नहीं चलाएंगे, जब तक उनके साथ पीएसी नहीं होगी। क्योंकि …
अमृत विचार, बरेली। शाहदाना की रेलवे जमीन खाली कराने के लिए चलाया जा रहा अतिक्रमण अभियान गुरुवार को अचानक से रुक गया। टीम ने पूरे दिन सिर्फ निशान लगाकर टीम चली गई। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वह अब आगे का अतिक्रमण तब तक नहीं चलाएंगे, जब तक उनके साथ पीएसी नहीं होगी। क्योंकि उन्हें रेलवे इंटेलीजेंस से सूचना मिली है कि लोगों ने टीम पर हमला करने की योजना बनाई है। लिहाजा शुक्रवार यानि आज भी अभियान न चलाए जाने की उम्मीद है। सिर्फ चिन्हीकरण किया जाएगा।
बुधवार को भाजपा के महानगर अध्यक्ष के पहुंचने के बाद अभियान तो नहीं रुका। लेकिन मामला जरूर गरमा गया। उन्होंने यहां तक धमकी दे दी कि यदि अभियान नहीं रोका गया तो वह जेसीबी के आगे लेट जाएंगे। इसके बाद लोगों ने भी हिम्मत जुटाई और अभियान का विरोध शुरू हो गया। मगर रेलवे की टीम अपनी कार्रवाई पूरी करने के बाद ही लौटी। इसका असर शुक्रवार को देखने के लिए मिला। शुक्रवार को शाहदाना के रेलवे मैदान में जेसीबी नहीं पहुंची। पूरे दिन सिर्फ निशान देही चलती रही।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर आरएल जयसवाल का कहना था कि बुधवार को लोगों ने विरोध किया और मांग रखी की पहले निशान लगाए जाएं। जिससे वह खुद भी तोड़ सकें। जेसीबी से तोड़ने में लोगों का काफी नुकसान हो जाता है। इसलिए पहले चिन्हीकरण कर रहे हैं। यदि इसके बाद भी लोग खुद नहीं तोड़ते तो फिर जेसीबी चला दी जाएगी।
वहीं, उन्होंने बताया कि अब आगे की कार्रवाई वह बिना प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) के नहीं करेंगे। क्योंकि उन्हें रेलवे की इंटेलीजेंस से सूचना मिली है कि मॉडल टाउन और उससे आगे के लोगों ने टीम पर हमला करने की योजना बनाई है। इसके लिए वह पथराव से लेकर कुछ भी कर सकते हैं। इसलिए पहले आगे पीएसी चलेगी उसके पीछे हमारी टीम रहेगी। इज्जतनगर मंडल के जन संपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि गुरुवार को करीब 1.5 किलोमीटर तक उनकी टीम ने निशान लगाए हैं।
08 जनवरी तक की ही मांगी थी प्रशासन से अनुमति
शाहदाना रेलवे जमीन से हटाने के लिए रेलवे ने प्रशासन से आठ जनवरी तक के लिए ही पुलिस बल मांगा था। इन्हीं दिनों में रेलवे को अपनी कार्रवाई को पूरा करना था। मगर हंगामा होने की वजह से रेलवे का अतिक्रमण हटाओ अभियान अभी अधूरा रह गया। पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह का कहना है।
आगे का अभियान जारी रखने के लिए प्रशासन को फिर से पत्र लिखा जाएगा। कोशिश रहेगी कि अभियान बीच में प्रभावित न हो वह लगातार ही चलता रहे। मगर हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। सूत्रों की माने तो यह अभियान अब चिन्हीकरण तक ही अटक कर रह जाएगा।
