बरेली: बचपन से मिलेगी सीख तो बड़े होकर समझेंगे ट्रैफिक नियमों की जिम्मेदारी

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बरेली, अमृत विचार। सड़कों पर वाहनों की बढ़ती भीड़, नियमों की अनदेखी करते वाहन चालक और इसकी वजह से हादसों में लोगों के जान गंवाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हादसों को रोकने और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन ज्यादा फर्क नहीं पड़ …

बरेली, अमृत विचार। सड़कों पर वाहनों की बढ़ती भीड़, नियमों की अनदेखी करते वाहन चालक और इसकी वजह से हादसों में लोगों के जान गंवाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हादसों को रोकने और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन ज्यादा फर्क नहीं पड़ रहा है।

ऐसे में यातायात नियमों की सीख बचपन से ही मिल जाए तो बच्चे बड़े होने पर नियमों के प्रति अधिक सजग हो सकेंगे। एसपी ट्रैफिक संजीव कुमार वाजपेई ने कुछ इसी तरह के सुझाव यातायात निदेशालय को सड़क सुरक्षा माह के संबंध में दिए हैं। उन्होंने बेसिक व जूनियर स्तर के पाठ्यक्रम में यातायात शिक्षा को शामिल करने का प्रस्ताव दिया है।

सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रति वर्ष जनवरी माह में आयोजित होने वाला सड़क सुरक्षा सप्ताह इस बार पूरे माह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा थीम पर कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यातायात निदेशालय की ओर से इस संबंध में सभी जिलों से सुझाव भी मांगे गए थे। इसके तहत एसपी ट्रैफिक ने लोगों को जागरूक करने को लेकर कई अहम सुझाव दिए हैं।

यातायात जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक पुलिस छात्रों को रैलियों में शामिल करती है और कई बार स्कूलों में जाकर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। एसपी ट्रैफिक ने इससे आगे बढ़कर जागरूकता को बेसिक व जूनियर कक्षाओं के पाठ्यक्रम में शामिल करने का सुझाव दिया है। निदेशालय से 18 जनवरी से 17 फरवरी तक आयोजित होने वाले सड़क सुरक्षा माह के तहत होने वाले कार्यक्रमों को लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

एसपी ट्रैफिक ने ये सुझाव दिए

  • यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार के लिए प्रत्येक जनपद को तकनीकी उपकरणों के प्रचार वाहन से वीडियो, ऑडियो के माध्यम से जागरूक किया जाए।
  • सीट बेल्ट और हेलमेट पहनने से होने वाले बचाव और न पहनने से होने वाली हानि के डेमो तैयार करके दिखाए जाएं।
  • बेसिक व जूनियर स्तर के पाठयक्रम में यातायात शिक्षा का भी समावेश किया जाए, जिससे नवयुवक ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक हो सकें।
  • सोशल मीडिया व रेडियो पर यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने वाले वीडियो व ऑडियो क्लिक तैयार कर जागरूक किया जाए।
  • जनपदों में राष्ट्रीय राजमार्ग व प्रादेशिक राजमार्गों पर एक दूरी निर्धारित कर नियमित अंतराल पर ओवर स्पीड डिटेक्टिव कैमरों को स्थापित कराया जाए ताकि हादसों को रोका जा सके।

सड़क सुरक्षा माह के तहत होंगे ये कार्यक्रम

  • वॉकथान का आयोजन होगा जिसमें एमपी व एमएलए को भी शामिल किया जाएगा।
  • जिले के सभी कार्यालयों के कर्मचारी व अधिकारियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • ट्रैफिक पुलिस को भी संकेतों की ट्रेनिंग दी जाएगी और उनके व्यवहार को भी बदला जाएगा।
  • सीट बेल्ट, हेलमेट न पहनने व अन्य नियमों के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
  • नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
  • पुलिस के साथ परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा व अन्य विभागों को दी गई जिम्मेदारी।

जिले में 5 वर्षों में सड़क हादसों का रिकार्ड 

वर्ष               हादसे            मौत              घायल
2020            680               346              425
2019            1093             536              696
2018            1150             484              907
2017            1121             467              914
2016            1054             475              905

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