बरेली: वाल्मीकि आश्रम की जमीन पर कब्जे की एडीजी से शिकायत
अमृत विचार, बरेली। प्रेमनगर क्षेत्र में वाल्मीकि आश्रम की करीब तीन बीघा भूमि पर कुछ लोगों ने पुलिस की साठगांठ से कब्जा कर लिया। इससे वाल्मीकि सद्भावना मेला कमेटी के अध्यक्ष मनोज थपलियाल समेत अन्य पदाधिकारियों में आक्रोश है। मनोज थपलियाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने सोमवार को एडीजी जोन अवनीश चंद्र से शिकायत कर …
अमृत विचार, बरेली। प्रेमनगर क्षेत्र में वाल्मीकि आश्रम की करीब तीन बीघा भूमि पर कुछ लोगों ने पुलिस की साठगांठ से कब्जा कर लिया। इससे वाल्मीकि सद्भावना मेला कमेटी के अध्यक्ष मनोज थपलियाल समेत अन्य पदाधिकारियों में आक्रोश है। मनोज थपलियाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने सोमवार को एडीजी जोन अवनीश चंद्र से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
एडीजी को शिकायती पत्र सौंपते हुए मनोज थपलियाल ने बताया कि प्रेमनगर क्षेत्र में वाल्मीकि आश्रम के नाम 11 बीघा जमीन है। छह बीघा जमीन में आश्रम बना है। चार बीघा जमीन रिक्त है। चहारदीवारी कराकर आश्रम में रहने वालों के लिए उसमें सब्जियां उगाई जाती हैं। कुछ वर्षों से एक व्यक्ति आश्रम की खाली पड़ी भूमि पर कब्जा करने की फिराक में था। दो बार कब्जे की योजना भी बनाई। तब विरोध कर उसके मंसूबे विफल कर दिए।
बीते कुछ दिन पहले उसने फिर जमीन पर कब्जा करने के लिए बल्लियां लगानीं शुरू कर दीं। एडीजी को बताया कि एक आरोपी ने वर्ष 2003 में फर्जी प्रबंध समिति पंजीकृत कराकर आश्रम की भूमि को खुर्द-बुर्द करने का षड्यंत्र शुरू किया। वर्ष 2009 में उसने आश्रम के मुख्य द्वार के बराबर चार दुकानों का निर्माण कराया। इन अवैध दुकानों को प्रशासन तोड़ न सके, इसलिए दुकानों के ऊपर श्री गणेश, डा. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति लगा दी।
वाल्मीकि मरघट के पीछे की ओर की करीब 200 वर्ग गज भूमि पर भवन का निर्माण कराकर बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित कालोनी की चहारदीवारी तोड़ कर रास्ता भी ले लिया। मामला संज्ञान में आने के बाद बरेली विकास प्राधिकरण ने भवन निर्माण को अवैध करार देते हुए 18 नवंबर, 2019 को प्रेमनगर थाना के प्रभारी निरीक्षक को पत्र लिखकर सुनील के खिलाफ सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग एवं उसे नुकसान पहुंचाने के आरोप में विधिक कार्रवाई को लिखा था।
मनोज थपलियाल ने एडीजी को बताया कि आश्रम की भूमि के बड़े भाग पर कब्जा करने की नीयत से न्यायालय में वाद दायर कर दिया। आपसी मिलीभगत से तीन व्यक्तियों को प्रतिवादी बनाया। इस प्रकरण में आज (12 जनवरी, 2021) को सुनवाई नियत है। बताया कि फर्जी दस्तावेजों के आधारित दायर वाद में शिकस्त मिलने की आशंका को लेकर उसने 7 जनवरी को अपने दो पुत्रों व अन्य लोगों की मदद से आश्रम की भूमि के बड़े भाग पर बल्लियां लगाईं।
इसके बाद कंटीले तार लगाकर हदबंदी कर दी। हर समय वहां पर अराजक तत्व बैठे रहते हैं। प्रेमनगर पुलिस से मदद नहीं मिल रही है। 100 वर्ष पुराने मरघट की भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एडीजी ने प्रकरण में कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है। एडीजी से मिलने वालों में हरि किशन, कमल इंजीनियर, दीपक वाल्मीकि, योगेश आदि शामिल थे।
डीएम व एसडीएम सदर से भी की शिकायत
वाल्मीकि सद् भावना मेला कमेटी के अध्यक्ष मनोज थपलियाल ने बताया कि वह जिलाधिकारी नितीश कुमार से मिले। डीएम ने एसडीएम सदर विशु राजा को निर्माण कार्य पर रोक लगाने के निर्देश दिए। एसडीएम ने प्रेमनगर इंस्पेक्टर को निर्देशित किया लेकिन निर्माण कार्य बंद नहीं हुआ। फिर डीएम से मिले। शहर विधायक से मिलकर एसडीएम सदर को फोन कराया। प्रेमनगर इंस्पेक्टर ने तब सुनील कुमार के दस्तावेज दिखाने की बात कही। उसने बल्लियां लगाकर कंटीले तार लगा दिए। तब वह एसडीएम सदर से मिले। इस दौरान एसडीएम ने कानूनगो व लेखपाल को बुलाकर नक्शा देखा। लेखपाल ने बताया कि भूमि आश्रम के नाम है।
