हल्द्वानी: बेजुबान जानवरों का सहारा बनी डॉ. उदिति
अमृत विचार, हल्द्वानी। बेजुबान जानवर बोलकर अपनी तकलीफ नहीं बता सकते। वहीं, कुछ पशु प्रेमी ऐसे होते हैं जो इन बेजुबान जानवरों का सहारा बन जाते हैं। ऐसा ही कुछ हल्द्वानी के पीलीकोठी क्षेत्र में देखने को मिला है। यहां एक दंत चिकित्सक रोजाना करीब 20 आवारा कुत्तों को भोजन कराती है। अपने व्यस्तम दिनचर्या …
अमृत विचार, हल्द्वानी। बेजुबान जानवर बोलकर अपनी तकलीफ नहीं बता सकते। वहीं, कुछ पशु प्रेमी ऐसे होते हैं जो इन बेजुबान जानवरों का सहारा बन जाते हैं। ऐसा ही कुछ हल्द्वानी के पीलीकोठी क्षेत्र में देखने को मिला है। यहां एक दंत चिकित्सक रोजाना करीब 20 आवारा कुत्तों को भोजन कराती है। अपने व्यस्तम दिनचर्या के बावजूद भी यह आवारा कुत्तों की देखभाल करती हैं।
बजरंग विहार बड़ी मुखानी पीलीकोठी निवासी दंत चिकित्सक उदिति गोबाड़ी ने बताया कि वह पिछले छह साल से आवारा कुत्तों को भोजन करा रही है। कुत्तों के लिए विशेषकर आने वाला भोजन समेत दूध, ब्रैड, दाल और चावल रोजाना उन्हें खिलाया जाता है। उन्होंने बताया कि वह रूपनगर, जज फॉर्म, बजरंग कालोनी और लालडांठ क्षेत्र में करीब 20 आवारा कुत्तों को भोजन खिलाती हैं। इसके साथ ही उनकी कार में 24 घंटे भोजन की व्यवस्था रहती है। बता दें कि डॉ. उदिति गोबाड़ी गैस गोदाम रोड पर नटराज डेंटल क्लीनिक का संचालन करती है। उनका कहना था कि पालतू कुत्ते से तो सभी प्रेम करते हैं लेकिन आवारा कुत्तों से अभद्र व्यवहार किया जाता है। ऐसे में सक्षम लोगों को आगे आना चाहिए और इन बेजुबान जानवरों की देखभाल करनी चाहिए।
माता-पिता शिक्षा क्षेत्र से लेकिन चिकित्सा का रास्ता चुना
हल्द्वानी। दंत चिकित्सक उदिति गोबाड़ी ने बताया कि उनके पिता बीएस गोबाड़ी रिटायर प्रोफेसर हैं और उनकी माता डॉ. दीपा गोबाड़ी एमबीपीजी कालेज में हिंदी की प्रोफेसर हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही चिकित्सा के ही क्षेत्र में जाना था, इसलिए उन्होंने बीडीएस की पढ़ाई की।
लॉकडाउन में कालोनी में ही कराया भोजन
हल्द्वानी। लॉकडाउन के दौरान वह भोजन कराने के लिए बाहर नहीं जा सकती थी लेकिन इस दौरान अपनी कालोनी और आस-पास की कालोनियों में घूमने वाले आवारा कुत्तों को भोजन कराया।
