हल्द्वानी: हर पार्टी का एक चुनावी चेहरा होता है जिस चेहरे के बल पर विरोधी दल पर हमला किया जाता है – टम्टा
हल्द्वानी,अमृत विचार। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को विधानसभा चुनाव-2022 के लिए चुनावी चेहरा और मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करने की मांग की है। सांसद प्रदीप टम्टा ने गुरुवार को तिकोनिया स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि हर पार्टी का एक …
हल्द्वानी,अमृत विचार। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को विधानसभा चुनाव-2022 के लिए चुनावी चेहरा और मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करने की मांग की है। सांसद प्रदीप टम्टा ने गुरुवार को तिकोनिया स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि हर पार्टी का एक चुनावी चेहरा होता है जिस चेहरे के बल पर विरोधी दल पर हमला किया जाता है। उन्होंने कहा कि हरीश रावत कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य हैं जबकि कई राष्ट्रीय नेता भी इस कमेटी में नहीं पहुंच पाते हैं। वर्तमान में उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा दोनों में भी हरीश रावत कद का नेता नहीं है। इसलिए आला कमान को हरीश रावत को चुनावी चेहरा और मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करना चाहिए।ताकि अस्पष्टता समाप्त हो और कार्यकर्ता पूरे मनोयोग से चुनाव में लग जाएं।
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष डॉ इंदिरा हृदयेश और खुद को हर दा का हनुमान बताने वाले एक नेता का का नाम लिये बिना कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस में सीएम उम्मीदवार घोषित किए जाने की परंपरा नहीं है और 2002, 2007, 2012, 2017 का उदाहरण दिया है। इस पर मैं कहना चाहता हूं कि पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, केरल कई उदाहरण हैं। हरियाणा में भूपिंदर सिंह हुड्डा को सीएम उम्मीदवार बनाया गया जबकि शैलजा प्रदेशाध्यक्ष है। सभी ने कहा कि यदि हुड्डा को समय से उम्मीदवार प्रोजेक्ट किया होता तो आज हरियाणा में कांग्रेस सरकार होती। पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह को उम्मीदवार बनाया और कांग्रेस सत्ता में आई।
कांग्रेस कोई क्षेत्रीय पार्टी नहीं है, यह क्षेत्रीय पार्टी है। यहाँ विभिन्न राज्यों के आधार पर स्थिति दूसरी हो सकती है।
टम्टा ने कहा कि वे उत्तराखंड प्रभारी देवेंद्र यादव से अपील करते हैं कि वे हरीश रावत को चुनावी चेहरा बनाने के लिए आला कमान से वार्ता करें क्योंकि वे प्रदेश और आला कमान के बीच के पुल हैं। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे भी आला कमान से निवेदन करेंगे। इस दौरान खजान पांडेय, वीरेन्द्र गुप्ता, हिमांशु मिश्रा, अजय शर्मा आदि मौजूद थे।
– जो 2017 की बात कर रहे हैं, 2019 क्यों भूल गए –
सांसद टम्टा ने कहा कि 2017 विधानसभा चुनाव में 70 विधायकों में से 11 जिता पाए खुद हार गए और 59 हार गए। वे 2019 क्यों भूल जाते हैं, जब पांच में से 0 रहा। एक भी सीट नहीं जीत पाए।
– जो भी होगा उम्मीदवार, उसी को लड़ाएंगे-
हरीश रावत को सीएम उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के सवाल पर टम्टा ने कहा कि कांग्रेस आला कमान जिस को भी चुनावी चेहरा बनाएंगे हमें स्वीकार्य होगा और हम उसी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे। लेकिन हमारी इच्छा है कि हर दा को ही चेहरा बनाया जाए।
