हल्द्वानी: आप ने दिखाया जर्जर स्कूलों के हालात
हल्द्वानी,अमृत विचार। प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्थाओं में सुधार के लिए लाखों रुपए खर्च कर रही है। इसके बावजुद स्कूलों के भवन सहित अनेक मूल सुविधाओं से नौनिहालों को वंचित रहना पड़ रहा है। प्रदेश की स्कूली व्यवस्थाओं को लेकर सेल्फी विद स्कूल अभियान चला रही आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को जेल रोड चौराहे पर …
हल्द्वानी,अमृत विचार। प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्थाओं में सुधार के लिए लाखों रुपए खर्च कर रही है। इसके बावजुद स्कूलों के भवन सहित अनेक मूल सुविधाओं से नौनिहालों को वंचित रहना पड़ रहा है। प्रदेश की स्कूली व्यवस्थाओं को लेकर सेल्फी विद स्कूल अभियान चला रही आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को जेल रोड चौराहे पर फ्लैक्स के जरिए जर्जर और बदहाल स्कूलों की तस्वीरें दिखाई।
आप प्रदेश प्रवक्ता समित टिक्कू ने कहा कि बीजेपी सरकार बेहतर शिक्षा के खोखले दावे करती है । इन तस्वीरों से ये बात सिद्ध हो गई उत्तराखंड में जीरो वर्क सीएम है यहां के स्कूलों के हालत देखकर लगता है बच्चे अपनी जान जोखिम में डाल कर यहां पढ़ने को मजबूर है और यहां के मंत्री विधायक जनता को बरगलाने का काम कर रहे हैं। कहा कि आप पार्टी द्वारा शुरु किया गया सैल्फी विद स्कूल अभियान को प्रदेश की जनता ने पूर्ण समर्थन दिया। इन तस्वीरों ने सरकार के सारे दावों की पोल खोल कर रख दी। सरकार का झूठ सामने आया और जनता भी ये समझ पायी कि सरकार द्वारा कोरी अफवाहें फैलाई जाती हैं जो जनता को भ्रमित करती है।
खुद मुख्यमंत्री की विधानसभा के एक स्कूल का दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भ्रमण कर जनता को सच्चाई बताई थी। पहाडों से जो तस्वीरें सामने आई हैं वो तस्वीरें बता रही हैं कि आखिर कैसे शिक्षक उन स्कूलों में बच्चों को शिक्षा देते होंगे। इन स्कूलों में हालात इतने बद्तर हैं कि यहां शिक्षा लेना और देना किसी इम्तिहान से कम नहीं है। आप प्रवक्ता ने कहा कि आप पार्टी आगे भी ऐसे अभियानों की शुरुआत प्रदेश में करेगी ताकि सरकार के सफेद झूठ जनता के सामने आएं।
कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व जिला समन्वयक समित टिक्कू, कुमायूँ प्रभारी जितेन्द्र फुलारा, दीप पाण्डे, रमेश कांडपाल, पुष्कर बिष्ट, केडी पाण्डे, अश्विनी सारस्वत, प्रणय आहूजा, नरेन्द्र कुमार, प्रथम, त्रिलोक, रोहन, संजय, गिरीश, संदीप व अन्य कार्यकर्ता उपस्थ्ति थे।
