बरेली: जाको राखे साइयां मार सके ना कोय, दो दिन तक खेत में पड़ी रही नवजात बच्ची, ऐसे बची जान
अमृत विचार, रामनगर। कहते हैं कि जाको राखे साइयां मार सके ना कोय। रामनगर के गांव हरदासपुर में यह कहावत उस वक्त चरितार्थ हो गई जब मंगलवार को दो दिन तक सरसों के खेत में पड़ी रहने के बाद भी एक बच्ची जीवित मिली। ग्रामीणों के मुताबिक लगभग दो दिन तक सरसों के खेत में …
अमृत विचार, रामनगर। कहते हैं कि जाको राखे साइयां मार सके ना कोय। रामनगर के गांव हरदासपुर में यह कहावत उस वक्त चरितार्थ हो गई जब मंगलवार को दो दिन तक सरसों के खेत में पड़ी रहने के बाद भी एक बच्ची जीवित मिली। ग्रामीणों के मुताबिक लगभग दो दिन तक सरसों के खेत में पड़े रहने के बावजूद भी बच्ची की जान बच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। बच्ची को एक परिवार अपने घर ले गया और उपचार कराया। डाक्टर ने बच्ची स्वस्थ बताई। पुलिस बच्ची का प्राथमिक मेडिकल करवाने के बाद एनआरसी के लिए बरेली ले गई।
रामनगर के गांव हरदासपुर में सरसों की फसल खड़ी है। यहां सोमवार शाम बच्चे खेतों में घास काट रहे थे, तभी उन्होंने एक बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। इस पर बच्चों ने खेत में जाकर देखा तो एक नवजात बच्ची कपड़े में लिपटी रो रही थी। बच्चों ने यह जानकारी गांव के लोगों को दी। इसी बीच सूचना पर बेलबोझी के वीरेंद्र भी आ गए।
बच्ची को देखकर वीरेंद्र ने उसे गोद में उठा लिया और अपने घर ले आए। बच्ची के कपड़े तुरंत बदलकर नए कपड़े पहनाए और दूध पिलवाया। मंगलवार को रामनगर पीएचसी के डाक्टरों ने बच्ची का प्राथमिक उपचार किया। डा. अजय कुमार ने बताया कि बच्ची स्वस्थ है। इसके बाद पुलिस वीरेंद्र को साथ लेकर बच्ची को बरेली एनआरसी को ले गई। बताया जाता है कि बच्ची को चाइल्ड केयर के सुपुर्द भी किया जा सकता है। इलाके में चर्चा है कि बच्ची पैदा होने पर उसकी मां जानबूझकर सरसों के खेत में फेंक कर चली गई।
बच्ची लेने की मांग पर दंपति को भगाया
वीरेंद्र वर्मा ने बताया बच्ची उन्हें मिली है। बच्ची मिलने की जानकारी पर पुलिस ने उन्हें सिरौली थाने आधे घंटे के लिए बुलाया। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया। रास्ते में बच्ची को भूख लगने से उनकी पत्नी ने स्तनपान कराया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनसे आईडी मांगी।
इसके अलावा जो भी पुलिस ने कार्य करने के लिए उन्होंने सभी कार्य किए। इसके बाद बरेली से कोई अधिकारी आया और उसने कहा कि आपको बच्ची नहीं मिलेगी। पत्नी ने कारण पूछा तो पुलिस ने उन्हें भगा दिया। इसके बाद पुलिस ने दंपति को गांव में छोड़ दिया। उन्होंने बच्ची को पालने की मांग की है।
इलाके में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर और गर्भपात कराने वाली अवैध दुकानें चल रही है। जिसकी वजह से इस तरह भ्रूण जांच का धंधा फल-फूल रहा है। ऐसे सेंटरों को चिन्हित किया जा रहा है। छापेमारी कर कार्रवाई की जाएगी। – डा. अजय कुमार, प्रभारी रामनगर पीएचसी
बच्ची बरेली के जिला अस्पताल में भर्ती है। दो-चार दिन डॉक्टर की निगरानी में रहेगी। उसके बाद सीडब्ल्यूसी (चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी) के सामने जाएगी। अभी बच्ची छोटी है। इसलिए डॉक्टरों की निगरानी में रहेगी। हमारी महिला सिपाही भी वहां तैनात हैं। – नरेश कुमार त्यागी, थानाध्यक्ष
