बरेली: विवि में इन्क्यूबेटर्स स्थापित, महाविद्यालयों में तैयारी भी नहीं
बरेली, अमृत विचार। लघु और सूक्ष्म उद्योग का हब बनाने के लिए स्टार्टअप नीति के तहत प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में इन्क्यूबेटर्स या इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जानी है। बरेली समेत पूरे प्रदेश में इसकी रफ्तार काफी धीमी है। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय समेत प्रदेश में सिर्फ छह संस्थानों में ही …
बरेली, अमृत विचार। लघु और सूक्ष्म उद्योग का हब बनाने के लिए स्टार्टअप नीति के तहत प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में इन्क्यूबेटर्स या इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जानी है। बरेली समेत पूरे प्रदेश में इसकी रफ्तार काफी धीमी है। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय समेत प्रदेश में सिर्फ छह संस्थानों में ही इसकी स्थापना की गई है।
रुविवि विश्वविद्यालय से संबद्ध किसी भी महाविद्यालय ने इसकी तैयारी नहीं की है। शासन ने 15 मार्च तक सभी विश्वविद्यालयों में इन्क्यूबेटर्स की स्थापना के आदेश दिए हैं। इसके बाद महाविद्यालयों में भी इनकी स्थापना करायी जाए। विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में इन्क्यूबेटर्स की स्थापना का लक्ष्य स्टार्टअप को बढ़ावा देना है। इसके लिए उद्योगों को बढ़ावा देना है।
इस सेंटर का मकसद है कि उस एरिया के क्षेत्र में किस-किस उद्योग की संभावना है। उद्यमियों को इससे जोड़ा जाएगा और उन्हें सलाह दी जाएगी। एक छत के नीचे सभी तरह की समस्याओं का समाधान होगा। उद्यमी को बताया जाएगा कि उद्योग शुरू करने के लिए बैंक से लोन कैसे लिया जाएगा। कच्चा माल कहां से आएगा। कानूनी सलाह भी उद्यमी को दी जाएगी।
इसके अलावा कोई छात्र भी नया आइडिया लेकर अपना उद्योग स्थापित करना चाहता है तो उसे भी मुफ्त में सारी जानकारी दी जाएगी। विश्वविद्यालय भी अच्छे प्रोजेक्ट पर पैसा लगा सकता है। इसके लिए बजट की भी तैयारी की जा रही है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इसकी स्थापना तो हो चुकी है और पदाधिकारियों की भी नियुक्त कर दी गई है लेकिन अभी तक भवन निर्धारित नहीं किया जा सका है। इसके चलते इसकी शुरुआत नहीं हो सकी है।
विश्वविद्यालय के अलावा किसी भी महाविद्यालय ने अभी तक इसे लेकर कोई तैयारी नहीं की है जबकि बरेली कॉलेज समेत कई बड़े महाविद्यालयों में इनकी स्थापना हो सकती है। राजकीय व स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों के बाद निजी महाविद्यालयों में भी इसकी शुरुआत करनी है। स्टार्ट और नई शिक्षा नीति के तहत पढ़ाई के स्तर में बदलाव होगा। इससे छात्रों व अन्य को रोजगार भी मिलेगा और क्षेत्र का विकास भी होगा।
प्रदेश में यहां खुले इनक्यूबेटर्स
- एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली
- एमिटी विश्वविद्यालय इनोवेशन हब, लखनऊ
- बेनेट हैचरी, ग्रेटर नोएडा
- अटल इन्क्यूबेशन सेंटर, बीएचयू वाराणसी
- जयपुरिया इन्क्यूबेटर, लखनऊ
- स्टार्टअप लांचपैड, जीएलए यूनिवर्सिटी, मथुरा
विश्वविद्यालय में इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना हो गई है। भवन की तलाश की जा रही है। महाविद्यालयों में भी इन्क्यूबेशन सेंटर खोलने के निर्देश हैं। -डा. अमित कुमार, मीडिया प्रभारी, रुविवि
