दोपहिया वाहन के एक सुनहरे युग का होगा अंत, अब केवल यादों का हिस्सा होंगे स्कूटर, जानिए क्यों?

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नई दिल्ली। लम्ब्रेटा और विजय सुपर जैसे लोकप्रिय स्कूटरों का विनिर्माण करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी स्कूटर्स इंडिया लि. जल्द बंद होने जा रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कंपनी को बंद करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सूत्रों ने बताया कि समझा जाता है कि मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) …

नई दिल्ली। लम्ब्रेटा और विजय सुपर जैसे लोकप्रिय स्कूटरों का विनिर्माण करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी स्कूटर्स इंडिया लि. जल्द बंद होने जा रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कंपनी को बंद करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सूत्रों ने बताया कि समझा जाता है कि मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने बुधवार को हुई बैठक में लखनऊ की कंपनी स्कूटर्स इंडिया लि. को बंद करने की मंजूरी दे दी है।

एक अधिकारी ने बताया कि स्कूटर्स इंडिया के ब्रांड नाम को अलग से बेचा जाएगा, क्योंकि कंपनी के पास लम्ब्रेटा, विजय सुपर, विक्रम और लैम्ब्रो जैसे मशहूर ब्रांड हैं। कंपनी विक्रम ब्रांड के तहत कई प्रकार के तिपहिया का विनिर्माण करती है। कंपनी को बंद करने के प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी के बाद भारी उद्योग मंत्रालय इसको बंद करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।

सूत्रों ने बताया कि स्कूटर्स इंडिया लि. को बंद करने के लिए 65.12 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। यह राशि सरकार से ऋण के रूप में ली जाएगी। प्रस्ताव के तहत यह कोष उपलब्ध होने के बाद कंपनी के नियमित कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना/स्वैच्छिक पृथकीकरण योजना (वीआरएस/वीएसएस) की पेशकश की जाएगी। लखनऊ मुख्यालय वाली कंपनी के करीब 100 कर्मचारी हैं।

अधिकारी ने बताया कि वीआरएस/वीएसएस का विकल्प नहीं चुनने वाली कर्मचारियों को औद्योगिक विवाद कानून, 1947 के तहत हटाया जाएगा। कंपनी की 147.49 एकड़ जमीन उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति वाली दरों पर लौटाई जाएगी। हालांकि इस प्रक्रिया में समय लगने की संभावना है।

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