हल्द्वानी: डिपो कार्यालयों में वर्षों से खराब पड़े कंप्यूटरों के बदलेंगे दिन
हल्द्वानी,अमृत विचार। काठगोदाम डिपो में कई वर्षों से खराब पडे़ कम्प्यूटर, प्रिंटर सहित अन्य मशीनों जल्द ही काम में लिया जाएगा। इसके लिए स्थानीय कार्यालय से डिमांड तैयार कर मुख्यालय भेज दिया गया है। वर्तमान में एजीएम कार्यालय सहित डिपो कार्यालयों में एक दर्जन से ज्यादा कंप्यूटर और प्रिंटर खराब पडे़ है। डिपो कार्यालय और …
हल्द्वानी,अमृत विचार। काठगोदाम डिपो में कई वर्षों से खराब पडे़ कम्प्यूटर, प्रिंटर सहित अन्य मशीनों जल्द ही काम में लिया जाएगा। इसके लिए स्थानीय कार्यालय से डिमांड तैयार कर मुख्यालय भेज दिया गया है। वर्तमान में एजीएम कार्यालय सहित डिपो कार्यालयों में एक दर्जन से ज्यादा कंप्यूटर और प्रिंटर खराब पडे़ है।
डिपो कार्यालय और क्षेत्रिय महाप्रबंधक कार्यालयों में वर्षों से बदहाली की मार झेल रहे कंप्यूटरों के बेकार पडे़ होने के कारण कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अभाव में विभागीय कामकाज भी प्रभावित होता है। कर्मचारियों को समय पर काम पूरा करने के लिए बाहरी विकल्पों का सहारा लेना पड़ता है। डिपो कार्यालय में लगभग आधा कंप्यूटरों की मदरबोर्ड सहित अनके तकनीकी खराबी के कारण उनका उपयोग नही हो पा रहा है। उधर आरएम कार्यालय के सात कंप्यूटर सहित अन्य मशीनों की भी कमोबेश यही स्थिती है। विभागीय सूत्रों की माने तो मुख्यालय से रख रखाव के लिए मिलने वाले खर्चे से मशीनों की देखभाल पर्याप्त रुप से नही हो पाती है। मशीनों में खराब होने पर इनके पार्टस महंगे आते हैं, इसलिए ज्यादातर मशीनों की लंबे समय से मरम्मत नही हो सकी है।
15 हजार मे कैसे हो रख रखाव
मशीनों में देखभाल के लिए मुख्यालय से प्रतिमाह 15 हजार की धनराशि आवंटित होती है। जबकि दोनों कार्यालयों में अकेले प्रिंटर कॉटेज की रिफिलिग का खर्च ही चार हजार प्रतिमाह का आता है। यूपीएस ओर सीपीयू में भी आए दिन खराबी आती है। वजह यह भी है कि मशीनों को लगने वाली जगहों पर सुरक्षा के लिहाज से को विशेष व्यवस्था नही की गई है, मशीनों धुल और नमी पहुंचने के कारण भी आए दिन खराब होती हैं।
मशीनों के रख रखाव के लिए और धन की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यालय को पत्र भेज कर 15 हजार से बढ़ा कर 25 हजार करने की मांग की गई है। धनआवंटित होते ही मशीनों को ठीक कराया जाएगा। – डीएन जोशी, डिपो मैनेजर, काठगोदाम
