हल्द्वानी: ट्रेडिंग करने वाले किसानों की तादाद में भारी गिरावट
हल्द्वानी,अमृत विचार। कोराना महामारी के चलते अनेक व्यापारिक सेक्टरों में लोगों को मंदी की मार झेलनी पड़ी है। अनके कोशिशों के बावजूद अभी तक व्यापारियों की स्थिती में सुधार नही हो सका है। राष्टीय कृषि बाजार (ईनाम) के तहत ट्रेंडिंग करने वाले किसानों की तादात में भारी गिरावट आई है। कोरोना काल से पूव यहां …
हल्द्वानी,अमृत विचार। कोराना महामारी के चलते अनेक व्यापारिक सेक्टरों में लोगों को मंदी की मार झेलनी पड़ी है। अनके कोशिशों के बावजूद अभी तक व्यापारियों की स्थिती में सुधार नही हो सका है। राष्टीय कृषि बाजार (ईनाम) के तहत ट्रेंडिंग करने वाले किसानों की तादात में भारी गिरावट आई है। कोरोना काल से पूव यहां साढ़े तीन हजार किसानों द्वारा ट्रेडिंग होती थी, वहीं वर्तमान में सिर्फ साढ़े पांच सौ किसानों ने ही ट्रेडिंग किया है।
ई नाम पोर्टल पर पिथौरागढ़, नैनीताल, अल्मोड़ा, बिजनौर, भवाली, बहेड़ी, बदायूं, आदि जगहों के किसान अपने फसलों को अच्छे दामों पर ट्रेडिंग कर मुनाफा कमाते थे। लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा एग्रीकल्चर प्रोड्यूज मार्केट एक्ट में बदलाव के चलते किसानों द्वारा ट्रेडिंग में भारी कमी आई है। मंडी में फसलों की आवक से दो करोड़ तक की आय होती थी। वहीं वर्तमान में यह आय इसकी आधी तक सीमित रह गई है।
फसली सीजन में लॉकडाउन होने से नही हुई फसलों की आवक
मार्च माह में फसली सीजन की शुरुवात में ही देशव्यापी लॉकडाउन लगने के कारण मंडी में फसलों की आवक में भारी कमी आई। वहीं एक्ट में बदलाव के कारण किसानों को ट्रेडिंग के लिए लाइसेंस का प्रावधान भी खत्म कर दिया है। लिहाजा किसान मंडी के बाहर भी स्वयं ट्रेडिंग कर रहे हैं। उधर कालाढूंगी ओर खैरना स्थित दोनों मंडियों द्वारा लाइसेंस से मिलने वाली आय भी प्रभावित हो गई है।
लॉकडाउन के कारण वाहनों की आवाजाही पर रोक के कारण फसलों को यहां लाने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब धीरे – धीरे स्थिती में सुधार होने की उम्मीद है। उमेश चंद्र त्रिपाठी, मंडी निरीक्षक, हल्द्वानी
