बरेली: डबल ईटीएम प्रकरण- तीन साल चली जांच, नतीजा ढाक के तीन पात

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अमृत विचार, बरेली। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के रुहेलखंड डिपो में करीब पांच साल तक डबल ईटीएम के जरिये निगम को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया था। इस प्रकरण की जानकारी हुए भी करीब तीन साल हो चुके हैं। इस मामले में जांच हुई और एक संविदा चालक की संविदा निरस्त करके एवं पटल …

अमृत विचार, बरेली। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के रुहेलखंड डिपो में करीब पांच साल तक डबल ईटीएम के जरिये निगम को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया था। इस प्रकरण की जानकारी हुए भी करीब तीन साल हो चुके हैं। इस मामले में जांच हुई और एक संविदा चालक की संविदा निरस्त करके एवं पटल कार्मिक को हटाकर कर्तव्यों की इतिश्री कर ली गई। भ्रष्टाचार के इस दलदल में विभागीय अधिकारियों के शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस मामले में हुई जांच अब तक लंबित चल रही है।

आप जब भी रोडवेज की बस पर बैठते होंगे, तो परिचालक आपको एक मशीन से टिकट बनाकर देता है। जिसे इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ईटीएम) कहते हैं। इसी ईटीएम से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को हर साल लाखों रुपये का चूना लगाया गया था। परिवहन विभाग के बरेली क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले वर्ष रुहेलखंड डिपो से 2013, 2014 एवं 2015 में 12 ईटीएम गायब हो गई थीं। भौतिक सत्यापन में 12 ईटीएम न होने के बावजूद क्षेत्रीय प्रबंधक को इस बारे में तत्कालीन अधिकारियों ने न तो अवगत कराया और न ही कोई कार्रवाई की थी।

इस प्रकरण में फर्जीवाड़े का पिटारा खुलना तब शुरू हुआ, जब 16 जनवरी 2018 को रुहेलखंड डिपो के कैश कलेक्शन रजिस्टर में बदायूं के निवासी विक्की बाबू संविदा परिचालक ने 25546 रुपये किराये के जमा किए, लेकिन ईटीएम में संचालन शून्य किमी दर्शाया। तब पता चला कि डबल ईटीएम का प्रयोग किया जा रहा है। इसके बाद संविदा परिचालक विक्की बाबू की संविदा को समाप्त कर दिया गया और ईटीएम पटल पर तैनात ट्राईमैक्स के कर्मी को पद से हटा दिया गया। लेकिन ईटीएम देने का कार्य सीधे स्टेशन अधीक्षक की निगरानी में किया जाता है, उस पर अब तक कोई कार्रवाई भी नहीं की गई।

यही नहीं, इस प्रकरण की जांच एआरएम वित्त ने की थी। जिसमें उन्होंने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर कराने के आदेश दिए थे। इस मामले की जानकारी हुए करीब 3 साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर नहीं हो पाई। ऐसे में परिवहन निगम में डबल ईटीएम के जरिये हुए फर्जीवाड़े में हुई जांच में नतीजा ढाक के तीन पात वाला रहा।

एआरएम वित्त ने इस मामले की जांच रिपोर्ट दी थी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर अब मामले की जांच चल रही है। इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट लखनऊ मुख्यालय को भेज दी गई है। वहां पर भी जांच की जा रही है। इस मामले में दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है। -चीनी प्रसाद, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, कार्मिक

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