बरेली: यूजर ऐक्सेप्टेंस टेस्ट से पहले ही लगा दिए गए स्मार्ट मीटर
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट मीटर में हो रही रीडिंग व लोड जंपिंग से उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, भारी-भरकम बिल भी चुकाना पड़ रहा है, जिसको लेकर वह लगातार अधिकारियों के पास शिकायत लेकर पहुंच रहे थे। अब एक आरटीआई में खुलासा हुआ है कि बिजली विभाग की तरफ …
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट मीटर में हो रही रीडिंग व लोड जंपिंग से उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, भारी-भरकम बिल भी चुकाना पड़ रहा है, जिसको लेकर वह लगातार अधिकारियों के पास शिकायत लेकर पहुंच रहे थे। अब एक आरटीआई में खुलासा हुआ है कि बिजली विभाग की तरफ से यूजर ऐक्सेप्टेंस टेस्ट (यूएटी) से पहले ही स्मार्ट मीटर लगा दिए थे। जिस वजह से उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्मार्ट मीटर रीडिंग और लोड जम्पिंग को लेकर उपभोक्ता व बिजली मामलों के वकील एवं आरटीआई एक्टिविस्ट मुहम्मद खालिद जीलानी की एक आरटीआई से खुलासा हुआ है कि उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड ने उपभोक्ता परिसरों पर स्मार्ट मीटर लगाने से पहले नियमानुसार ‘उपयोगकर्ता स्वीकृति परीक्षण’ (यूजर ऐक्सेप्टेंस टेस्ट- यूएटी) कराया ही नहीं, जबकि कोई सॉफ्टवेयर आधारित परियोजना लागू करने से पहले यूएटी टेस्ट कराना जरूरी है, ये टेस्ट कई चरणों में पूरे सिस्टम में होता है।
इसमें सूक्ष्म से सूक्ष्म घटकों जैसे इकाई का परीक्षण, एकीकरण परीक्षण, प्रणाली परीक्षण व स्वीकृति परीक्षण आदि किया जाता है। जिसमें एमडीएम (मास्टर डाटा मैनेजमेंट) से लेकर स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता और उसके हर पहलू की सघन जांच होती है। जब सिस्टम पूरी तरह से जांच लिया जाता है, तब उसे जनता के बीच उतारा जाता है। अगर इस टेस्ट को करने के बाद उपभोक्ताओं के परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाऐ जाते तो रीडिंग व लोड जम्पिंग की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता।
इसके साथ ही ईईएसएल द्वारा सप्लाई जेन मीटर की रीडिंग जंपिंग और लोड जंपिंग की शिकायतों के बारे में जानकारी मांगी गई थी। जिसके जवाब में बताया गया है कि फील्ड की सूचना के आधार पर 73 नग तेज स्मार्ट मीटर की शिकायते प्राप्त हुई। जिसमें से 9 नग मीटर तेज पाए गए। जबकि एक नग मीटर पर मीटर जंपिंग की शिकायत प्राप्त हुई। जिसमें जांच करने पर मीटर जंप पाया गया।
