हल्द्वानी: डीएम ने सिंचाई व पेयजल विभाग को दिए एस्टीमेट बनाने के निर्देश, नाबार्ड मद से किया जाएगा मरम्मत
हल्द्वानी,अमृत विचार। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की ग्रामीण आधारभूत सुविधा विकास निधि की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नाबार्ड में स्वीकृत योजनाओं में गति लाने व समय से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। बंसल ने कहा कि ग्रामीण आधारभूत सुविधा विकास निधि (आरआईडीएफ) …
हल्द्वानी,अमृत विचार। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की ग्रामीण आधारभूत सुविधा विकास निधि की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नाबार्ड में स्वीकृत योजनाओं में गति लाने व समय से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बंसल ने कहा कि ग्रामीण आधारभूत सुविधा विकास निधि (आरआईडीएफ) गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास, समृद्वि और जीवन की बेहतर गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अति महत्वपूर्ण है इसलिए इस मद में अत्यधिक महत्वपूर्ण व प्राथमिकता वाली योजनाएं ही प्रस्तावित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नाबार्ड से स्वीकृत योजनाओं की कार्य प्रगति रिपोर्ट संबंधित विभागाध्यक्ष के साथ ही डीडीएम नाबार्ड को भी भेजे । डीएम ने कहा कि गौला नदी सिंचाई व पेयजल दोनों ही लिहाज से अति महत्वपूर्ण है इसलिए दोनों विभागों के अधिकारी गौला नदी का कटाव रोकने और गौला से पेयजल नहर की सुदृढ़ीकरण प्रस्ताव का एस्टीमेट बनाएं ताकि प्राथमिकता से आरआईडीएफ योजना में नाबार्ड को भेजा जा सके।
डीडीएम नाबार्ड विशाल कंसल ने बताया कि जनपद में आरआईडीएफ योजना के अंतर्गत 78 कार्य मंजूर एवं निर्माणाधीन हैं। इनमें सिंचाई विभाग से 23, पेयजल निगम के 22, जलसंस्थान के दो, लोनिवि 21, तकनीकि शिक्षा के पांच, ग्रामीण विकास विभाग, उद्योग,उद्यान, पशुपालन, शिक्षाविभाग की एक-एक योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि योजनाओं का स्वीकृत काल 31 मार्च को समाप्त होने वाला है इसलिए सभी विभागीय अधिकारी योजनाओं की कार्य पूर्ण होने की सूचना समय से दें। बैठक में एडीएम एसएस जंगपांगी, मुख्य अभियन्ता सिंचाई संजय शुक्ला, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओमप्रकाश, ग्रामीण विकास विभाग पीएस बृजवाल, पेयजल निगम ओपी सिंह, जलसंस्थान विशाल कुमार, विद्युत तरूण कुमार, महाप्रबन्धक उद्योग विपिन कुमार, मुख्य उद्यान अधिकारी भावना जोशी, उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एससी जोशी आदि मौजूद थे।
