हल्द्वानी: राज्य गठन के बाद पहली बार झांकी को मिला तीसरा स्थान
हल्द्वानी,अमृत विचार। राज्य गठन के बाद पहली बार प्रदेश की झांकी को तीसरा स्थान मिला है। इस बार गणतंत्र दिवस पर राजपथ दिल्ली में उत्तराखंड केदारखंड झांकी की प्रस्तुति दी गयी। इस झांकी को बंगाल और हिमाचल प्रदेश के कलाकारों ने तैयार किया था। इस दौरान देश भर से आई 17 राज्यों की टीम ने …
हल्द्वानी,अमृत विचार। राज्य गठन के बाद पहली बार प्रदेश की झांकी को तीसरा स्थान मिला है। इस बार गणतंत्र दिवस पर राजपथ दिल्ली में उत्तराखंड केदारखंड झांकी की प्रस्तुति दी गयी। इस झांकी को बंगाल और हिमाचल प्रदेश के कलाकारों ने तैयार किया था। इस दौरान देश भर से आई 17 राज्यों की टीम ने झांकियों की प्रस्तुति दी थी।
एमबीपीजी कालेज में भूगोल विषय पर पीएचडी के शोधार्थी देवेश पंत पुत्र विनोद चंद्र पंत ने उत्तराखंड केदारखंड झांकी में शंकराचार्य की भूमिका निभाई है। देवेश के मुताबिक, वह आंचल कला केंद्र से जुड़े हुए हैं। जिनके जरिए उन्हें यह भूमिका निभाने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि इस झांकी को तैयार करने के लिए करीब दो महीने का समय लगा। 23 जनवरी को फाइनल रिहर्सल हुई और फिर गणतंत्र दिवस पर राजपथ दिल्ली में झांकी की प्रस्तुति हुई। इस दौरान उत्तराखंड केदारखंड को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ, जोकि राज्य गठन के बाद से अब तक पहली बार हुआ है। वहीं, पहले स्थान पर राममंदिर की झांकी रही।
सजीवता के लिए कटवाए बाल
हल्द्वानी। शंकराचार्य की भूमिका निभाने के दौरान देवेश ने सजीवता का पूरा ध्यान रखा। देवेश के मुताबिक, शंकराचार्य का पूरा लुक देने में करीब एक घंटे का समय लग जाता था। बताया गया कि शंकराचार्य की भूमिका निभाने में किसी तरह कोई कमी न रहे, इसके लिए उन्होंने अपने बाल भी कटा दिए।
