लखनऊ: राजपथ के बाद अब पूरे प्रदेश से होकर गुजरेगी राम मंदिर मॉडल की झांकी- सीएम योगी

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के राजपथ पर प्रदर्शित श्रीराम मंदिर के प्रतिरूप की झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर खुशी जताई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए प्रसन्नता और गर्व का अवसर है। झांकी के इस प्रतिरूप को प्रदेश में दिखाया जाएगा। जहां-जहां …

लखनऊ। गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के राजपथ पर प्रदर्शित श्रीराम मंदिर के प्रतिरूप की झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर खुशी जताई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए प्रसन्नता और गर्व का अवसर है। झांकी के इस प्रतिरूप को प्रदेश में दिखाया जाएगा। जहां-जहां से यह झांकी गुजरेगी वहां लोग इसका स्वागत करेंगे। इस पर पुष्पवर्षा भी की जाएगी।

मालूम हो कि इस बार राजपथ की परेड में उत्तरप्रदेश की ओर से राम मंदिर मॉडल की झांकी प्रस्तुत की गई थी। इस झांकी को देश की अन्य झांकियों से श्रेष्ठतम माना गया। इस झांकी के जरिए वहां लोगों ने अयोध्या में बन रहे राममंदिर की भव्यता को दिल्ली के राजपथ पर साक्षात देखा। देश-दुनिया के करोड़ों लोगों ने ऑन लाइन इसका दीदार किया।

उप्र के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि झांकी में यहां की बेहद संपन्न विरासत और संस्कृति की झलक दिखाई गयी है। इसमें अयोध्या में बनने वाले राममंदिर मॉडल के अलावा रामायण के प्रमुख दृष्य और रामायण की रचना करते हुए बाल्मीकि भी आकर्षण के केंद्र रहे। शबरी के झूठे बेर खाते हुए प्रभु श्रीराम के साथ अन्य दृश्यों और संगीत के जरिए सामाजिक समरसता का संदेश देने की कोशिश की गई है। झांकी को पहला स्थान मिलना हम सबके लिए हर्ष और गौरव की बात है।

उत्तर प्रदेश के सूचना निदेशक शिशिर ने ही सबसे पहले ट्वीट करके प्रदेश को गौरवान्वित करने वाली इस सूचना को साझा किया। वह इस उपलब्धि को टीमवर्क का नतीजा मानते हैं। इसका श्रेय भी वह पूरी टीम को देते हैं। गीतकार विरेंद्र सिंह का उन्होंने खासतौर से आभार जताया। उनके गीत को ही निर्णायक मंडल ने सर्वाधिक नम्बर दिए थे।

गौरतलब हो कि दिल्ली के राजपथ में इस बार उत्तर प्रदेश की झांकी में अयोध्या में बन रहे भगवान श्री राम के भव्य मंदिर सहित वहां की संस्कृति, परंपरा, कला और विभिन्न देशों से अयोध्या व प्रभु राम से संबंधों का चित्रण किया गया था। अन्य भित्ति चित्रों में भगवान राम द्वारा निषादराज को गले लगाते और शबरी के जूठे बेर खाते, अहल्या का उद्धार, हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी लाया जाना, जटायु-राम संवाद, लंका नरेश की अशोक वाटिका और अन्य दृश्यों को भी झांकी में जीवंत किया गया था। इस झांकी को विविड कंपनी देखरेख में तैयार किया गया है और मथुरा के कलाकारों के झांकी को जीवंत करने का दायित्व निभाया।

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