बरेली: जुर्माना लगा तो निस्तारित होने लगीं आरटीआई

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अमृत विचार, बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के जनसूचना सेल में 100 से अधिक जन सूचना अधिकार (आरटीआई) की याचिकाएं लंबित पड़ी हैं। इनकी शासन स्तर पर सुनवाई होनी है। कई आरटीआई तो एक साल से अधिक की हो गई हैं। इसकी वजह से विश्वविद्यालय पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लग …

अमृत विचार, बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के जनसूचना सेल में 100 से अधिक जन सूचना अधिकार (आरटीआई) की याचिकाएं लंबित पड़ी हैं। इनकी शासन स्तर पर सुनवाई होनी है। कई आरटीआई तो एक साल से अधिक की हो गई हैं। इसकी वजह से विश्वविद्यालय पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लग चुका है। जुर्माना लगने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आ गया है।

कुछ दिनों पहले विश्वविद्यालय में बनाए गए जनूसचना सेल ने भी तेजी से कार्य शुरू कर दिया है। प्रथम अपीलीय अधिकारी डा. अमित सिंह ने सेल के सदस्यों के साथ बैठक की और 3 महीने में लंबित आरटीआई याचिकाएं निस्तारण के निर्देश दिए।

रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबंधित जनसूचना सेल में लोग विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों से संबंधित सूचनाएं मांगते हैं। इन सूचनाओं का निर्धारित समय में जवाब देना होता है। विश्वविद्यालय की कई आरटीआई हैं जो कई साल पुरानी हैं। जिनमें श्रीराम दास ने वर्ष 2018 में, मुनव्वर रजा ने वर्ष 2019 में, अख्तार हसनैन रजवी ने वर्ष 2019 में आरटीआई दाखिल की थी। इसके अलावा कई आरटीआई वर्ष 2020 में लगाई गईं लेकिन इनकी अभी तक सूचना नहीं दी गई।

शासन स्तर से आरटीआई की सूचना न देने की लंबित याचिकाओं की सूची भी जारी की। कुछ दिनों पहले विश्वविद्यालय के द्वारा आरटीआई का जवाब न देने पर जुर्माना लगाया गया। इसके बाद कुलपति के निर्देश पर जन सूचना सेल का गठन किया गया। 13 जनवरी को बनाई गई सेल में विधि विभागाध्यक्ष डा. अमित सिंह को प्रथम अपीलीय अधिकारी और सहायक कुलसचिव सुनीता यादव को जन सूचना अधिकारी बनाया गया।

इसके अलावा सेल में 5 अन्य सदस्यों को भी नामित किया गया। सेल का गठन होने के बाद जन सूचना अधिकारी ने सभी सहायक जन सूचना अधिकारी से जन सूचना के तहत आने वाले प्रार्थना पत्रों के निस्तारण और संग्रहण के निर्देश दिए थे। शनिवार को प्रथम अपीलीय अधिकारी ने इस संबंध में बैठक बुलाई। बैठक में देखा गया कि किन-किन आरटीआई का निस्तारण किया जा चुका है। कौन सी आरटीआई किस वजह से लंबित है। शासन स्तर पर कब जवाब देना है। उन्होंने सभी को जल्द से जल्द पुरानी आरटीआई के निस्तारण के निर्देश दिए।

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