बजट 2021: आम करदाता को टैक्स में राहत नहीं, जानिए और क्या कुछ है बजट में
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए लोकसभा में बजट पेश कर दिया है। बजट आम करदाताओं को टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 में सरकार ने 4.21 लाख करोड़ रुपए खर्च किए। इस वित्त वर्ष 2021-22 में सरकार …
Finance Minister @nsitharaman, MoS Finance & Corporate Affairs @ianuragthakur, and senior officials of the Ministry of Finance, called on President Kovind at Rashtrapati Bhavan before presenting the Union Budget 2021-22. pic.twitter.com/FUNptDXnHB
— President of India (@rashtrapatibhvn) February 1, 2021

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए लोकसभा में बजट पेश कर दिया है। बजट आम करदाताओं को टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 में सरकार ने 4.21 लाख करोड़ रुपए खर्च किए। इस वित्त वर्ष 2021-22 में सरकार ने 4.39 लाख करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य रखा है। इस बार स्वास्थ्य क्षेत्र का बजट 94 हजार करोड़ से बढ़ाकर 2.38 लाख करोड़ कर दिया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2021-22 का बजट 6 स्तंभों पर टिका है- पहला स्तंभ है स्वास्थ्य और कल्याण, दूसरा-भौतिक और वित्तीय पूंजी और अवसंरचना,तीसरा-अकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास, मानव पूंजी में नवजीवन का संचार करना,पांचवा-नवाचार और अनुसंधान और विकास, छठा स्तंभ-न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन।
आम करदाता को नहीं मिली कोई राहत
टैक्स पेयर पर बोझ डालने का वक्त नहीं। टैक्स सिस्टम पारदर्शी रखने का वक्त है। आम करदाता को टैक्स में कोई नई छूट नहीं।जीएसटी अब चार साल पुरानी हो गई है। जीएसटीएन सिस्टम की क्षमता भी बढ़ाई गई है। फेक बिलर्स की पहचान हो रही है। पिछले कुछ महीनों में रेकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन हुआ है। टैक्स ऑडिट की लिमिट 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ करने का प्रस्ताव। इस तरह सरकार ने टैक्सेशन सिस्टम की जटिलता को खत्म करने का प्रयास किया।
50 लाख से अधिक आय पर 10 से 37 प्रतिशत तक का सरचार्ज
सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन 50 लाख रुपये से अधिक की आय पर 10 से 37 प्रतिशत तक का सरचार्ज लगाने की घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में आज पेश वित्त विधेयक में बताया गया है कि ढाई लाख रुपये तक की आमदनी पूरी तरह कर मुक्त होगी। ढाई लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक की आय पर पांच प्रतिशत, पांच लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक की आय पर 20 प्रतिशत और 10 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत का कर लगेगा जो पहले की ही तरह है।
बुजुर्गों को आयकर में छूट
60 से 80 साल के बुजुर्गों को तीन लाख रुपये तक और 80 साल से ऊपर के बुजुर्गों को पांच लाख रुपये तक आयकर से छूट होगी। बड़ी आय वालों पर कर का बोझ देते हुये सरचार्ज लगाया गया है। 50 लाख रुपये से अधिक और एक करोड़ रुपये तक की आय वालों को आयकर पर 10 प्रतिशत सरचार्ज देना होगा। एक करोड़ से अधिक और दो करोड़ रुपये तक की आय के लिए सरचार्ज 15 प्रतिशत और दो करोड़ रुपये से अधिक तथा पांच करोड़ रुपये तक की आय के लिए सरचार्ज 25 प्रतिशत होगा। पांच करोड़ रुपये से अधिक की सालाना आय वालों को आयकर के साथ 37 प्रतिशत का सरचार्ज भी देना होगा।
75 साल से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों को आईटीआर भरने की जरूरत नहीं
01 अप्रैल से शुरू वित्त वर्ष के लिये 75 साल और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागिरकों को पेंशन आय और मियादी जमाओं से मिलने वाले ब्याज के लिये आयकर रिटर्न भरने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि इस लाभ के लिये जरूरी है कि पेंशन और ब्याज आय एक ही बैंक में आये। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के अपने बजट भाषण में कहा कि देश की स्वतंत्रता के के 75वें वर्ष में हम 75 वर्ष और इससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिये कर-अनुपालन का बोझ कम करेंगे। उन्होंने कहा, ”जिन वरिष्ठ नागरिकों के पास केवल पेंशन और ब्याज से होने वाली आय है, उनके ͧलिए मैं आयकर रिटर्न जमा करने से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं। भुगतान करने वाला बैंक उनकी आय पर आवश्यक कर कटौती करेगा।”
सोना चांदी के सामान होंगे सस्ते
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि लोहे और स्टील के उत्पाद सस्से होंगे। साथ ही सोना चांदी के सामान भी सस्ते होंगे। तांबे के सामान पर भी 2.5 फीसदी कस्टम ड्यूटी घट गई है। देश में अब चमड़ा के निर्यात पर रोक लगेगी।
इलेक्ट्रॉनिक सामान मंहगा होगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सीमा शुल्कों में 400 रियायतों की समीक्षा की घोषणा की। इनमें मोबाइल उपकरण खंड भी शामिल है। सीतारमण ने कहा कि घरेलू मूल्यवर्धन बढ़ाने के लिए हम मोबाइल के चार्जर और कुछ पुर्जों पर छूट को वापस ले रहे हैं। इसके अलावा मोबाइल के कुछ पुर्जों पर आयात शुल्क शून्य से 2.5 प्रतिशत हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सीमा शुल्क नीति का दोहरा उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को प्रात्साहन देना और भारत को वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जोड़ना तथा निर्यात को बेहतर करना होना चाहिए। अब हमारा जोर कच्चे माल तक आसान पहुंच तथा मूल्यवर्धन का निर्यात है।
पुराने वाहनों को हटाने के लिये स्वैच्छिक वाहन कबाड़ नीति की घोषणा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पुराने तथा प्रदूषण फैला रहे वाहनों को हटाने के लिये बहुप्रतीक्षित स्वैच्छिक वाहन कबाड़ नीति की घोषणा की। सीतारमण ने कहा कि निजी वाहनों को 20 साल होने पर तथा वाणिज्यिक वाहनों को 15 साल होने पर फिटनेस जांच करानी होगी। यह नीति देश की आयात लागत को कम करने के साथ ही पर्यावरण के अनुकूल तथा ईंधन की कम खपत करने वाले वाहनों को बढ़ावा देगी।
पेट्रोल-डीजल पर लगाया गया कृषि सेस
केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर कृषि सेस लगाया गया है। डीजल पर चार रुपये और पेट्रोल पर ढाई रुपये का सेस लगाया गया है। हालांकि, कहा जा रहा है कि ये सेस कंपनियों को देना होगा और आम लोगों पर इसका कोई असर नहीं होगा।
डिजिटल जनगणना और स्पेश मिशन का ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने आगामी जनगणना के लिए 3,726 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं और पहली बार देश में डिजिटल जनगणना होगी। सरकार एक राष्ट्रीय भाषा अनुवाद पहल पर भी काम कर रही है। सीतारमण ने पांच साल में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक के परिव्यय के साथ गहरे महासागर में मिशन के परिचालन की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने संविदा विवादों के त्वरित निस्तारण के लिए सुलह की प्रणाली स्थापित की है। सरकार ने नेशनल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कमीशन विधेयक लाने का भी प्रस्ताव रखा है।
पूंजीगत व्यय 5.54 लाख करोड़ रुपये का ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अगले वित्त वर्ष में पूंजीगत व्यय में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया है। सीतारमण ने आम बजट 2021-22 पेश करते हुए 2021-22 में पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 5.54 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया है। चालू वित्त वर्ष 2020-21 के लिए पूंजीगत व्यय का बजट 4.39 लाख करोड़ रुपये है।
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि संभावित मौजूदा ढांचागत परिसंपत्तियों के लिए राष्ट्रीय मौद्रिकरण पाइपलाइन शुरू की जाएगी। इसके तहत गेल (इंडिया) लि. , इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (एचपीसीएल) की पाइपलाइनों का मौद्रिकरण किया जाएगा।
शहरी जल जीवन अभियान, शहरी स्वच्छ भारत अभियान 2.0 की घोषणा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि शहरी स्वच्छ भारत अभियान 2.0 में पांच वर्षों के दौरान 1,41,678 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। इसके तहत शहरी निर्माण के मलबे का प्रबंधन, गंदा पानी निपटान प्रबंधन, मल प्रबंधन, स्रोत अलगाव और कचरे के ढेर के जैव उपचारण जैसे प्रबंधन पर जोर रहेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि शहरी जल जीवन मिशन के तहत पांच वर्षों में 2.87 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बजट में वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में में 10 लाख की आबादी से ज्यादा वाले 42 शहरी केन्द्रों में 2,217 रुपए का प्रावधान किया गया है।
सात बंदरगाह परियोजनाओं के लिए करीब 2000 करोड़ रुपए की घोषणा
वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण ने 2000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश से सात बंदरगाह परियोजनाओं की घोषणा की। वित्त मंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत कार्यान्वित की जाएंगी। उन्होंने पीपीपी मोड के जरिए 2000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश से सात बंदरगाह परियोजनाओं का प्रस्ताव किया है। भारत में अभी 12 प्रमुख बंदरगाह हैं जो केंद्र सरकार के नियंत्रण में हैं। इनमें दीनदयाल (पूर्ववर्ती कांडला), मुंबई, जेएनपीटी, न्यू मेंगलूर, कोच्चि, चेन्नई, पारादीप, कोलकाता (हल्दिया सहित) शामिल हैं।
इंश्योरेंस सेक्टर में FDI को बढ़ावा
सरकार ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश(एफडीआई) की सीमा को बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है। इस कदम का उद्देश्य विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करना है। वित्त मंत्री ने कहा कि सभी वित्तीय उत्पादों के लिए निवेशक चार्टर पेश किया जाएगा। यह सभी वित्तीय निवेशकों का अधिकार होगा। उन्होंने बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा को 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने तथा रक्षोपाय के साथ विदेशी भागीदारी तथा नियंत्रण की अनुमति के लिए बीमा अधिनियम-1938 में संशोधन का प्रस्ताव किया। आम बजट 2021-22 पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि नए ढांचे के तहत ज्यादातर निदेशक और बोर्ड तथा प्रबंधन स्तर के अधिकारी निवासी भारतीय होंगे। कम से कम 50 प्रतिशत निदेशक स्वतंत्र निदेशक होंगे। इसके अलावा मुनाफे का एक निश्चित प्रतिशत सामान्य आरक्षित निधि के रूप में रखा जाएगा।
बिजली क्षेत्र के लिए बड़ा ऐलान
निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि सरकार की ओर से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत की स्कीम लॉन्च की जा रही है, जो देश में बिजली से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का काम करेगा। सरकार की ओर से हाइड्रोजन प्लांट बनाने का भी ऐलान किया गया है। बिजली क्षेत्र में PPP मॉडल के तहत कई प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा।
परिवहन के लिए 18,000 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा
वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण ने कहा कि दिसंबर 2023 तक ब्रॉड गेज रेल पटरियों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण होगा। रेलवे के लिए रिकॉर्ड 1,10,055 करोड़ रुपये मुहैया कराये जाएंगे जिसमें से 1,07,100 करोड़ रुपये 2021-22 में पूंजी व्यय के लिए निर्धारित होंगे।
जम्मू-कश्मीर में गैस पाईपलाइन प्रोजेक्ट का ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में गैस पाईपलाइन प्रोजेक्ट शुरू होगा। तीन साल में 100 नए जिलों में योजना शुरू होगी। कपड़ा उद्योग को वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और सक्षम बनाने के लिए 3 वर्षों की अवधि में 7 टैक्सटाईल पार्क स्थापित किए जाएंगे।
उज्ज्वला योजना में एक करोड़ और परिवारों को जोड़ा जाएगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उज्ज्वला योजना में एक करोड़ और परिवारों को जोड़े जाने की घोषणा की है। सीतारमण ने कहा कि देश के गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर देने की योजना एक मई 2016 में शुरू की गयी थी। उन्होंने कहा कि घरों में पाइप के जरिए गैस पहुंचाने और वाहनों को सीएनजी मुहैया कराने के सिटी गैस वितरण नेटवर्क का विस्तार कर 100 और जिलों को इसके दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने गैस आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सामान्य वहन क्षमता के नियमन की खातिर परिवहन प्रणाली आपरेटर (टीएसओ) की भी घोषणा की।
असम, प. बंगाल में चाय बागानकर्मियों के कल्याण के लिए 1,000 करोड़ रूपये का प्रस्ताव
केंद्र सरकार ने असम और पश्चिम बंगाल में चाय बागानकर्मियों के कल्याण के लिये एक हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया है। इन दोनों राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि दोनों राज्यों में चाय बागानों में काम करने वालों के लिये विशेष योजना बनाई गई है। उन्होंने वित्त वर्ष 2021-22 का बजट पेश करते हुए कहा ,” मैं असम और पश्चिम बंगाल में चाय के बागानों में काम करने वालों, खासकर महिलाओं और उनके बच्चों के लिये एक हजार करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव रखती हूं ।” देश में चाय का सर्वाधिक उत्पादन करने वालों राज्यों में पश्चिम बंगाल और असम हैं।
बंगाल हाईवे के लिए 25 हजार करोड़ रुपये
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल तथा असम में राष्ट्रीय राजमार्गों को बढावा देने के लिए बजट-2021-22 में विशेष प्रावधान किए हैं। सीतारणम ने कहा कि इन सभी राज्यों में ढांचागत विकास को महत्व दिया जा रहा है इसलिए वहां राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए विशेष योजना बनायी गयी है। पश्चिम बंगाल के लिए 25,000 करोड़ रुपये की लागत से 675 किलोमीटर लम्बे राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया जाएगा। इसी तरह से असम में अगले तीन साल के दौरान 1300 किलोमीटर लम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए जाएंगे। बंगाल और असम में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। सीतारमण ने कहा कि केरल में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए 65,000 करोड़ रुपये के निवेश से 1100 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य किया जाएगा। इसी तरह से तमिलनाडु में 1.03 लाख करोड़ रुपये की लागत से 3,500 किमी के राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया जाएगा।
टेक्स्टाइल पार्क के लिए बड़ा ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के अतिरिक्त देश में बड़े टेक्सटाइल पार्क बनाने की योजना पेश की जायेगी। इस योजना के तहत अगले तीन साल में सात बड़े टेक्सटाइल पार्क बनाये जायेंगे। इन पार्कों में एकीकृत सुविधाएं होंगी तथा परिवहन में होने वाले नुकसान को न्यूनतम करने की व्यवस्थाएं होंगी। इसका उद्देश्य कपड़ा क्षेत्र में बड़े निवेश लाना है। अभी तक एकीकृत टेक्सटाइल पार्क योजना के तहत 59 टेक्सटाइल पार्क को मंजूरी दी गयी है, जिनमें से 22 तैयार हो चुके हैं।
पंद्रह हजार से अधिक विद्यालयों में सुधार का प्रस्ताव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि देश में शिक्षा को और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए लायी गयी नयी शिक्षा नीति के अंतर्गत पंद्रह हजार से अधिक विद्यालयों में गुणवत्ता की दृष्टि से सुधार किए जाने का प्रस्ताव किया गया है। सीतारमण ने कहा कि नई शिक्षा नीति को देशवासियों ने तहे दिल से स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में नयी शिक्षा नीति के तहत पंद्रह हजार से अधिक विद्यालयों में शिक्षा के स्तर में गुणवत्ता की दृष्टि से सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बजट में सौ नये सैनिक स्कूल खोलने का भी प्रस्ताव किया गया है। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी जिससे यहां के युवाओं को फायदा होगा।
नया विकास वित्त संस्थान स्थापित करने को 20,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार 20000 करोड़ रूपये की पूंजी से एक विकास वित्त संस्थान (डीएफआई) स्थापित करेगी। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पेशेवरों द्वारा संचालित डीएफआई का गठन किया जायेगा जो अवसंरचना परियोजाओं के लिए कर्ज प्रदान करने के साथ दूसरी संस्थाओं कोभी इसके लिये उत्प्रेरित करेगा। राष्ट्रीय अवसंरचना विकास कार्यक्रम एनआईपी (नेशनल इंफ्रास्टक्चर पाइपलाइन) के लिये करीब 7000 परियोजनायें चिन्हित की गई है जिनमें 2020 से 2025 के बीच 111 लाख करोड़ रूपये निवेश की योजना है। यह 2025 वित्त वर्ष तक पांच खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य पाने की दिशा में काफी महत्वपूर्ण है।
सरकार अगले वित्त वर्ष में सरकारी बैंकों में 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार अगले वित्त वर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी। पूंजी के मिलन से इन बैंकों को पूंजी संबंधी नियामकीय शर्तों को पूरा करनें में आसानी होगी। चालू वित्त वर्ष में भी सरकार ने बैंकों के पुन: पूंजीकरण के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। वित्त वर्ष 2019-20 में सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 70,000 करोड़ रुपये की पूंजी डालने का प्रस्ताव किया था। हालांकि, चालू वित्त वर्ष के बजट में सरकार ने इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं किया था।
रक्षा क्षेत्र में मामूली बढ़ोतरी, कुल आवंटन 478195 करोड़ रूपये
सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के आम बजट में रक्षा क्षेत्र में मामूली बढ़ोतरी करते हुए कुल चार लाख 78 हजार 195. 62 करोड़ रूपये का आंवटन किया है जबकि पिछले वर्ष यह राशि चार लाख 71 हजार 378 करोड़ रूपये थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र के लिए कुल 4 लाख 78 हजार 195. 62 करोड़ रूपये का आवंटन किया गया है। इसमें से तीन लाख 37 हजार 961.49 करोड़ रूपये राजस्व के लिए तथा एक लाख 40 हजार 234.13 करोड़ रूपये पूंजीगत व्यय के लिए आवंटित किये गये हैं।
सीबीआई को बजट में 835.39 करोड़ रुपए मिले
भ्रष्टाचार के कई बहुचर्चित मामलों की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को अगले वित्त वर्ष के बजट में 835.39 करोड़ रुपए मिले हैं जो 2020-21 के संशोधित अनुमानों के अनुरूप दिये गये 835.75 करोड़ रुपए से मामूली सा कम है। सीबीआई ने पिछले साल 67,000 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए थे। पिछले साल के बजट में सीबीआई को शुरुआत में 802.19 करोड़ रुपए मिले थे। बाद में 2020-21 के संशोधित अनुमानों में यह राशि 835.75 करोड़ रुपए कर दी गयी। यह पिछले साल की आवंटित राशि से 36 लाख रुपए कम है।
हरित ऊर्जा के लिए शुरू होगा हाइड्रोजन हरित मिशन
सरकार हरित ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल को बढावा देने के लिए वृहद राष्ट्रीय हाइड्रोजन एनर्जी मिशन शुरु करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट पेश करते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण योजना होगी। उन्होंने कहा कि पिछले छह साल के दौरान विद्युत क्षेत्र में कई सुधार हुए हैं जिसके कारण देश में 139 गीगा वाट्स विद्युत क्षमता का इजाफा हुआ है। इस दौरान 2.8 करोड़ घरों में कनेक्शन दिए गए और 1.41 लाख सर्किट किलो मीटर की अतिरिक्त वितरण लाइनें बढायी गयी हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि देश में बिजली वितरण कंपनियों का एकाधिकार खत्म करने के लिए प्रस्ताव किया गया है जिसमें उपभोक्ताओं को वितरण का विकल्प दिया गया है।
स्टार्टअप को बढ़ावा देगी सरकार
सरकार ने सोमवार को कहा कि वह एकल व्यक्ति वाली कंपनियों (ओपीसी) के गठन को प्रोत्साहन देगी। इससे स्टार्टअप इकाइयों तथा नवोन्मेषि में लगे व्यक्तियों को फायदा होगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए कहा कि ऐसी कंपनियों के गठन को प्रोत्साहित किया जायेगा। इन्हें भुगता पूंजी और टर्नओवर पर बिना पाबंदी के वृद्धि करने की छूट दी जायेगी। इसके अलावा किसी भी समय किसी भी श्रेणी की कंपनी के रूप में बदलाव करने, एक भारतीय नागरिक के लिये ओपीसी बनाने में निवास की समय सीमा को 182 दिन से घटाकर 120 दिन करने तथा अनिवासी भारतीयों को देश में ओपीसी बनाने जैसे प्रावधान भी होंगे।
आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना का ऐलान
सीतारमण ने आम बजट में 64,180 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ आत्मनिर्भर स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त होगा। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि भारत में कोविड-19 के दो टीके हैं तथा दो अन्य टीकों की पेशकश जल्द की जाएगी। उन्होंने कहा कि सबसे गरीब तबके के लाभ के लिए सरकार ने अपने संसाधनों को बढ़ाया है।
कृषि कानूनों को लेकर किया विरोध
जब वित्त मंत्री बजट पेश कर रही थीं, शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल, आम आदमी पार्टी के भगवंत मान और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल ने तीन हालिया कृषि कानूनों को लेकर विरोध दर्ज कराया। वे हाथों में तख्ती लिये हुए थे जिसमें केंद्र सरकार से तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग वाले नारे लिखे थे। विरोध कर रहे तीनों सांसद सदन के गलियारे में खड़े थे
बजट भाषण से पहले निर्मला सीतारमण राष्ट्रपति कोविंद से मिलीं
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को केंद्रीय बजट 2021-22 पेश करने से पहले राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मुलाकात की। वित्त मंत्री ने परंपरा के अनुसार संसद जाने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से भेंट की। बजट को मंजूरी देने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक सुबह 10.15 बजे होगी। संसद में बजट पेश किए जाने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाला केंद्रीय मंत्रिमंडल वित्त वर्ष 2021-22 के बजट को मंजूरी देगा।