सिंघु बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाई अस्थायी दीवार, लगाईं लोहे की छड़ें
नई दिल्ली। किसानों के प्रदर्शन के मुख्य स्थल सिंघू बार्डर पर पुलिसकर्मियों के निरीक्षण में श्रमिक सीमेंट के अवरोधकों की दो कतारों के बीच लोहे की छड़ें लगाते हुए देखे गये ताकि नये कृषि कानूनों का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की आवाजाही सीमित की जा सके। इस दिल्ली- हरियाणा बार्डर का एक अन्य हिस्सा अब …
नई दिल्ली। किसानों के प्रदर्शन के मुख्य स्थल सिंघू बार्डर पर पुलिसकर्मियों के निरीक्षण में श्रमिक सीमेंट के अवरोधकों की दो कतारों के बीच लोहे की छड़ें लगाते हुए देखे गये ताकि नये कृषि कानूनों का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की आवाजाही सीमित की जा सके।
इस दिल्ली- हरियाणा बार्डर का एक अन्य हिस्सा अब एक प्रकार से बंद कर दिया गया क्योंकि सीमेंट की अस्थायी दीवार खड़ी कर दी गयी है। सीमेंट के दो अवरोधकों के बीच लोहे की छड़ लगा रहे एक श्रमिक ने कहा, ” दूसरा हिस्सा कल तैयार कर दिया गया था। इस तरफ अस्थायी दीवार बनाने के लिए अवरोधकों के बीच सीमेंट डाला जाना है।
सोमवार को सिंघू बार्डर पर दिल्ली की तरफ कम प्रदर्शनकारी नजर आये लेकिन हरियाणा की तरफ उनकी बड़ी तादाद थी, नये कृषि कानूनों के खिलाफ जोरदार भाषण दिये जा रहे थे और इस आंदोलन के प्रति एकजुटता का आह्वान किया जा रहा था।
पिछले कुछ दिनों की तुलना में आरएएफ और सीआरपीएफ समेत अर्धसैनिक बलों के जवान सोमवार को कम थे लेकिन पुलिसकर्मियों की अच्छी खासी तादाद थी। राजमार्ग पर अस्थायी दीवार के अलावा पहले राजमार्ग से थोड़ी दूर पर नींव खोदी गयी थी और दोनों तरफ से सीमेंट के अवरोधक लगाये गये थै।
हालांकि प्रदर्शनकारी किसानों और नेताओं का जोश कम नजर नहीं आया और उन्होंने कहा कि ”हमारे चारों ओर डाले गये ये अवरोधक हमारे जोश को कैद नहीं कर सकते।” उन सभी ने आरोप लगाया कि 26 जनवरी को ‘ इस आंदोलन को बदनाम करने की साजिश रची गयी थी’ तथा ऐसे और भी प्रयास किये जा रहे हैं।
