बरेली: टैक्स से जुड़े पुराने नोटिस से मिलेगी राहत, छोटे करदाता होंगे लाभान्वित

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अमृत विचार, बरेली। कोरोना की वजह से विकास की रफ्तार थम गई थी। यही वजह है कि बजट में स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर का ज्यादा ध्यान रखा गया। बजट से कोरोना की वजह से बिगड़ी लोगों की आर्थिक सेहत में सुधार के साथ-साथ विकास की रफ्तार में भी सुधार होगा। हालांकि, बजट में मध्यम वर्ग के …

अमृत विचार, बरेली। कोरोना की वजह से विकास की रफ्तार थम गई थी। यही वजह है कि बजट में स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर का ज्यादा ध्यान रखा गया। बजट से कोरोना की वजह से बिगड़ी लोगों की आर्थिक सेहत में सुधार के साथ-साथ विकास की रफ्तार में भी सुधार होगा।

हालांकि, बजट में मध्यम वर्ग के लिए कुछ खास नहीं है। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कुछ मामलों में टैक्स से राहत दी गई है। जैसे कि 75 साल से अधिक उम्र वाले सीनियर सिटीजन को अब टैक्स में राहत दी गई है। यानी अब उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरना होगा।

टैक्स रिटर्न को दोबारा खोलने की समय सीमा 6 साल से घटाकर तीन साल कर दी गई है। अब 50 लाख से कम टैक्स चोरी के मामले में 6-6 साल पुराने नोटिस नहीं आएंगे। जमीन संबंधी या बैंक में पैसे जमा करने वालों को ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा।

इससे पहले कभी भी नोटिस भेज दिया जाता था। फेसलेस विवाद समाधान समिति के गठन से छोटे करदाताओं को लाभ मिलेगा। बजट में आईटी अपीलीय ट्रिब्यूनल फेसलेस बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। डिजिटल लेनदेन के लिए कर लेखा परीक्षा सीमा 10 करोड़ रुपये तक बढ़ा दी गई है।

रिट्स और इनविट्स द्वारा लाभांश का भुगतान टीडीएस के अधीन नहीं है। लाभांश के भुगतान के बाद ही कर देयता उत्पन्न होती है। प्रवासी श्रमिकों के लिए अधिसूचित किफायती आवास के लिए कर में छूट और किफायती आवास के लिए ब्याज के भुगतान पर कटौती को 1 वर्ष से बढ़ा दिया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर डेट फंड पर कुशल जीरो कूपन बांड जारी कर सकते हैं।

विमान पट्टे पर देने वाली कंपनी के लिए कर में छूट के कारण भारत को इस विमानन क्षेत्र में अपना पहला खिलाड़ी मिल सकता है। अब तक भारतीय विमानन उद्योग में आयरलैंड और हांगकांग के कर्मियों का वर्चस्व है। आईटी रिटर्न फार्म अब कैपिटल गेन्स और बैंक इंटरेस्ट डिटेल्स से भरे हुए आएंगे।

बजट में पीएफ के कर्मचारी योगदान की देर से जमा को अब कटौती के रूप में अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा किफायती घर की खरीद पर 1.5 लाख रुपये तक अतिरिक्त कटौती भी होगी। स्टील के दाम कम करने से सेंसेक्स में बढ़ोतरी हुई है।

बैंकिंग पर खराब लोन पर अलग से समिति गठन करने से बैंक अच्छी स्थिति में आ जाएंगे। बजट में सड़क, पानी और स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दिया गया है। इसकी ही जरूरत है। बिजली पर पहले से ही काम हो चुका है। कृषि की बात करें तो एमएसपी पर भी बजट बढ़ाया गया है। – विशाल अरोड़ा, सीए

टैक्स पेयर ऑनलाइन अपनी बात कैसे रख सकेंगे
सीए रमन कुमार बजाज ने कहा कि लीगल कम्प्लाइंसेस ज्यादा बढ़ रहे हैं। रिजल्ट फ्रूट फुल नहीं हैं। स्थानीय स्तर पर कुछ बचा नहीं है। बजट में कुछ खास नहीं है। बजट में सिर्फ एक रस्म निभाई गई है। ट्रिब्यूनल की अपील फेसलेस कर दी है। अब बात सिर्फ ऑनलाइन रख सकेंगे। ऑनलाइन अपनी बात कोई कैसे रख सकता है। सेटलमेंट कमीशन भी खत्म कर दिया है। व्यक्ति अपनी व्यथा लेकर कहीं नहीं जा सकता है।

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