किसानों की कुर्बानी से क्या निकलेगा कोई हल?, आंदोलन में शामिल दो किसानों ने जान गंवाई
सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत में कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में शामिल पंजाब के दो किसानों की बुधवार को मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार पंजाब के जिला तरनतारन के गांव डल निवासी जोगेंद्र (68) बुधवार को कुंडली धरनास्थल पर बने अपने टैंट में मृत मिला। वह 20 जनवरी को धरना …
सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत में कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में शामिल पंजाब के दो किसानों की बुधवार को मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार पंजाब के जिला तरनतारन के गांव डल निवासी जोगेंद्र (68) बुधवार को कुंडली धरनास्थल पर बने अपने टैंट में मृत मिला। वह 20 जनवरी को धरना स्थल पर आया था और तब से यहीं रह रहा था।
साथ आए किसानों ने मामले की सूचना कुंडली थाना पुलिस व परिजनों को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का पता लग सकेगा। शव का पोस्टमार्टम करवाने आए किसानों ने बताया कि सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस की तरफ से गैस के गोले छोडऩे के बाद जोगेंद्र की तबीयत बिगड़ गई थी। उसके बाद उसे संक्रमण हो गया। अब उसकी मौत हो गई। उन्होंने मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं बुधवार दोपहर बाद कुंडली धरना स्थल पर पंजाब के ही जिला बरनाला के गांव चननवाल निवासी जसमैल सिंह (47) की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल में रखवा दिया है। पुलिस का कहना है कि किसान के परिजनों को इसकी जानकारी दे दी गई है। उनके आने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का पता लग सकेगा। जसमैल के गांव के पूर्व सरपंच कुलदीप सिंह ने बताया कि वह लगातार किसान आंदोलन से जुड़ा था। पहले पंजाब में तीन माह तक आंदोलन में शामिल रहा। यहां 27 नवंबर, 2020 को आया था। तब से कुंडली बॉर्डर पर धरने में शामिल था। उनके परिवार में मां, पत्नी और एक बेटा है।
