बरेली: टैगिंग में उलझे उपभोक्ता, बिजली विभाग को लाइन-लॉस का झटका
अमृत विचार, बरेली। टैगिंग के खेल में जिले के बिजली उपभोक्ता और अधिकारी उलझ गए हैं। जिले में हजारों उपभोक्ताओं को दूसरे उपकेंद्र से टैग कर दिया गया है। गलत टैगिंग से न तो इन उपभोक्ताओं को बिजली बिल मिल रहा है न ही वह जमा कर पा रहे हैं। बिल जमा न होने से …
अमृत विचार, बरेली। टैगिंग के खेल में जिले के बिजली उपभोक्ता और अधिकारी उलझ गए हैं। जिले में हजारों उपभोक्ताओं को दूसरे उपकेंद्र से टैग कर दिया गया है। गलत टैगिंग से न तो इन उपभोक्ताओं को बिजली बिल मिल रहा है न ही वह जमा कर पा रहे हैं।
बिल जमा न होने से बिजली विभाग का लाइन लॉस और बढ़ रहा है। ऐसे में अब टैगिंग का घालमेल दुरुस्त करने की कवायद शुरू की गई है। यह सब खेल कनेक्शन देते समय हुई लापरवाही से हुआ है। असल में उस दौरान बिजली अभियंताओं ने एक उपकेंद्र के उपभोक्ताओं को नजदीक के ही उपकेंद्र से टैग कर दिया।
ऐसे में ये उपभोक्ता कागजों में जिस उपकेंद्र से टैग हैं वहां से इन्हें बिजली नहीं मिल रही और जहां से बिजली ले रहे हैं वहां कागजों में इनका कोई रिकॉर्ड नहीं है। जिले में हजारों की संख्या में उपभोक्ताओं की गलत टैगिंग की गई है। देहात के साथ ही शहर में भी ऐसे कई मामले हैं।
श्यामगंज, शाहदाना जैसे घनी आबादी वाले इलाकों के पास मौजूद उपकेंद्रों पर यह संख्या सबसे ज्यादा है। टैगिंग में हुए घालमेल से इन उपभोक्ताओं को बिजली बिल भी नहीं मिल पा रहे। लंबे समय से बिल न मिलने से ये उपभोक्ता हजारों रुपये के बकाएदार हो गए हैं। लाइन लॉस कम करने के अभियान के दौरान मामला पकड़ में आने के बाद अब इन उपभोक्ताओं की सही टैगिंग की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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जिले में कई जगह गलत टैगिंग के मामले सामने आए हैं। सभी जगह टैगिंग का डाटा दुरुस्त किया जा रहा है। टैगिंग ठीक होने के बाद लाइन लॉस कम करने में मदद मिलेगी। अगले माह तक सभी समस्या दूर कर दी जाएगी।
-उदय प्रताप, प्रभारी विजिलेंस
