काशीपुर: एफडी के नाम पर कंपनी के एमडी और चार साथी लाखों लेकर फरार
अमृत विचार काशीपुर। धोखाधड़ी में एक कंपनी के एमडी समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कोर्ट के आदेश पर लाखों रुपये समेट कर भागी मैसर्स भाग्य उदय इंफ्रा डवलपर्स लि. कंपनी के एमडी समेत चार लोगों के खिलाफ आईटीआई थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। कंपनी पर आरोप है …
अमृत विचार काशीपुर। धोखाधड़ी में एक कंपनी के एमडी समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कोर्ट के आदेश पर लाखों रुपये समेट कर भागी मैसर्स भाग्य उदय इंफ्रा डवलपर्स लि. कंपनी के एमडी समेत चार लोगों के खिलाफ आईटीआई थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने लोगों से एफडी के नाम पर लाखों रुपये जमा करा लिए और जब पैसा वापस देने का समय आया तो कंपनी रफूचक्कर हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
वैशाली कालोनी निवासी महेश गिरी ने अपने अधिवक्ता विवेक मिश्रा के माध्यम से अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सैय्यद गुफरान की न्यायालय में 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें कहा कि भाग्य उदय इंफ्रा डेवलपर्स ने कई स्थानों पर अपने कार्यालय खोले। कंपनी के कार्यालय काशीपुर के साथ-साथ यूपी के भी तमाम जिलों में थे। वर्ष 2010 में एमपी चौक पर शाखा कार्यालय खोला गया। जो वर्ष 2014 में कोर्ट मोड पर शिफ्ट कर दिया गया। कंपनी 15 माह से लेकर साढे 10 साल की एफडी करा जनता से रुपये लेती रही। काशीपुर कार्यालय वर्ष 2016 में बंद हो गया। धीरे-धीरे कंपनी की अन्य शाखाएं भी बंद होती चली गईं। एजेंटों ने जब कंपनी अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने रुपये लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में कंपनी अधिकारियों ने फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद पीडि़तों ने थाना आईटीआई, एसएसपी ऊधमसिंह नगर और डीएम से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई फिर भी नहीं हो सकी। कोई रास्ता न देख एक पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली।
कोर्ट के आदेश पर आईटीआई थाना पुलिस ने कंपनी के एमडी विपिन ठाकुर, निदेशक विकास शर्मा, पवन शर्मा, विपिस सिद्धू के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। एसओ विद्यादत्त जोशी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मामले की रिपोर्ट धोखाधड़ी की धाराओं में दर्ज की गई है।वापस देने का समय आया तो कंपनी रफूचक्कर हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
