गोरखपुर: 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में सरकार कर रही काम- आनंदीबेन
गोरखपुर, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सर्किट हाउस में स्वंय सहायता समूह, क्षय रोग ग्रसित बच्चों एवं किसान उत्पादक संगठन के साथ बैठक की। इस दौरान समूह की महिलाओं ने राज्यपाल को बताया कि समूह से जुड़कर मेरा आर्थिक उन्नयन हुआ तथा परिवार में खुशहाली का माहौल है। इस मौके पर महामहिम …
गोरखपुर, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सर्किट हाउस में स्वंय सहायता समूह, क्षय रोग ग्रसित बच्चों एवं किसान उत्पादक संगठन के साथ बैठक की। इस दौरान समूह की महिलाओं ने राज्यपाल को बताया कि समूह से जुड़कर मेरा आर्थिक उन्नयन हुआ तथा परिवार में खुशहाली का माहौल है।
इस मौके पर महामहिम राज्यपाल ने स्वंय सहायता समूहों को 7 करोड़ 33 लाख 10 हजार का डेमो चेक दिये। जिसमें 1074 समूहों का रिवाल्विंग फन्ड तथा 520 समूहों को एक लाख 10 हजार सम्मिलित है।
सामुदायिक शौचालय के तहत 2 महिलाओं को चाभी एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत कोटे की एक दुकान चयन का नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इस मौके पर 11 स्वंय सेवी संस्थाओं द्वारा स्टाल लगाये गये थे। जिसको महामहिम राज्यपाल ने सराहा।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में महामहिम राज्यपाल ने कहा कि स्वंय सहायता समूहों की महिलाओं की बातों को सुनकर अपार खुशी हुई है। 10 साल पहले महिलाओं की स्थिति और आज की स्थिति में बेहतर सुधार हुआ है। स्वंय सहायता के अन्दर महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और आज वे इससे जुड़कर उनका आर्थिक उन्नयन हुआ है। उन्होंने कहा कि समूह की महिलाओं को आगे आकर टीबी ग्रसित बच्चों/मरीजों के परिवार को प्रेरित करें कि अच्छे खान पान से मरीज ठीक हो जायेगा।
महामहिम राज्यपाल ने शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि शिक्षा जीवन उत्थान का बड़ा माध्यम होता है। समूह की महिलाओं से कहा कि वे संकल्प लें कि बेटा बेटी में कोई भेद भाव नही है। दोनो एक समान है, ऐसे भाव के साथ अपने बच्चों को खूब पढ़ायें। उन्होंने कहा कि यह संकल्प लिया जाये कि बाल विवाह एवं दहेज प्रथा की परिपाटी को पनपने नही दिया जायेगा।
इसके अतिरिक्त महामहिम राज्यपाल ने कुल 5 किसान उत्पादन संगठन एवं प्रगतिशील किसानों से वार्ता की। साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में कार्य किया जा रहा है, जब लागत कम होगी तो आय बढ़ेगी।
उन्होंने कम्पोस्ट खाद का अधिकाधिक प्रयोग करने के सुझाव देते हुए कहा कि केमिकलयुक्त अनाज, फल, सब्जिया स्वास्थ्य के प्रति अच्छी नही होती है। इसलिए आर्गेनिक उत्पादन की ओर जाना है। उन्होंने यह भी कहा कि किसान अन्नदाता है, वह अनाज उगाते है और प्रधानमंत्री का कहना है कि वे अपनी फसल की कीमत किसान स्वंय तय करें ताकि उनकी उपज का वास्तविक मूल्य मिले। भारत सरकार की मंशा है कि हमारे किसान सशक्त एवं समृद्ध हो।
इस अवसर पर प्रौद्योगिकी शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन बार बार होने चाहिए। मण्डलायुक्त जयन्त नार्लिकर ने महामहिम राज्यपाल एवं उपस्थित सभी के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि मण्डल में एक जनपद एक उत्पाद, मनरेगा, एनआरएलएम में समूहों को विकसित कर उनका आर्थिक उन्नयन कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में विभिन्न विभागों में आपसी समन्वय बनाकर कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी के विजयेन्द्र पाण्डियन ने कार्यक्रम में उपस्थित महामहिम राज्पाल सहित सभी का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि दिये गये निर्देशों का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जायेगा।
