बरेली: पार्किंग के विरोध पर व्यापारियों से भिड़े ठेकेदार व बाउंसर, धक्का-मुक्की
अमृत विचार, बरेली। नगर निगम की प्रीपेड पार्किंग के विरोध में उतरे व्यापारियों और ठेकेदार व उसके बाउंसरों के बीच मंगलवार को विवाद हो गया। इस दौरान पार्किंग की जंजीर तोड़ने को लेकर दोनों पक्ष भिड़ गए। व्यापारियों और ठेकेदार के बीच करीब आधे घंटे तक खींचतान के साथ धक्का-मुक्की चलती रही। इससे माहौल गरमा …
अमृत विचार, बरेली। नगर निगम की प्रीपेड पार्किंग के विरोध में उतरे व्यापारियों और ठेकेदार व उसके बाउंसरों के बीच मंगलवार को विवाद हो गया। इस दौरान पार्किंग की जंजीर तोड़ने को लेकर दोनों पक्ष भिड़ गए। व्यापारियों और ठेकेदार के बीच करीब आधे घंटे तक खींचतान के साथ धक्का-मुक्की चलती रही। इससे माहौल गरमा गया। मारपीट की नौबत आ गई। दोनों तरफ से तीखी बहस और जमकर गाली-गलौच हुआ। हंगामे की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद व्यापारियों ने बैठक कर हर हाल में पार्किंग व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की।
करीब दो माह पहले नगर निगम ने शहर के कई जगहों पर प्रीपेड पार्किंग की व्यवस्था लागू की थी। इसमें सबसे पहले नगर निगम के गेट के सामने स्थित एलन क्लब मंडी से शुरुआत की गई। इसके बाद पटेल चौक और एसबी इंटर कालेज रोड पर प्रीपेड पार्किंग स्थापित किया गया।
मंगलवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल से जुड़े व्यापारी एसबी इंटर कालेज रोड पर पार्किंग की जंजीरें तोड़ने पहुंचे। जैसे ही व्यापारियों ने जंजीरें तोड़ने की कोशिश की वैसे ही ठेकेदार और बाउंसर आ गए। व्यापारियों द्वारा जंजीर तोड़ने का विरोध करने लगे। व्यापारी अपनी दुकानों के सामने वाहन स्वामियों से वसूली करने का विरोध करते रहे हैं। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष भिड़ गए। कुछ देर तक बहस हुई और बाद में धक्का-मुक्की होने लगी। विवाद इतना बढ़ गया कि हाथापाई की नौबत आ गई।
करीब आधे घंटे तक दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की होती रही। इसके कारण आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। इसी बीच कोतवाल गीतेश कपिल मौके पर पहुंच गए। उन्होंने दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद व्यापारियों ने बैठक की। इसमें महानगर अध्यक्ष शोभित सक्सेना ने कहा कि निगम गुंडों के दम पर वसूली करा रहा है।
बाजार में जंजीरें डालकर ग्राहकों से जबरदस्ती मोटी रकम वसूल की जा रही है। पार्किंग के नाम पर जो रसीद दी जा रही है उस पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर भी नहीं है। न ही किसी का मोबाइल नंबर है। ठेकेदार के लोगों ने व्यापारी नेताओं से धक्का-मुक्की और अभद्रता की। इसके खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी जाएगी। इस दौरान जिलाध्यक्ष राजकुमार राजपूत, महामंत्री देवेंद्र जोशी, दानिश जमाल, संजय कोहली, पंकज ओबराय, गिरीश मक्कड़, मोहित अग्रवाल, गौरव वर्मा आदि मौजूद रहे।
विवादों का अखाड़ा बनती जा रही है प्रीपेड पार्किंग
शहर के प्रीपेड वाहन पार्किंग स्थल अखाड़े में तब्दील होते जा रहे हैं। इससे पहले भी प्रीपेड पार्किंग को लेकर व्यापारियों से टकराव की स्थिति आ चुकी है। प्रीपेड पार्किंग स्थल पर खड़े वाहनों से बाउंसर के दम पर हो रही वसूली व्यापारियों को रास नहीं आ रही है क्योंकि उनकी दुकानदारी प्रभावित हो रही है।
इसके कारण नौबत मारपीट तक आ रही है। इसके बावजूद प्रीपेड वाहन पार्किंग व्यवस्था जारी है। नगर निगम अब शहर में अन्य पार्किंग स्थलों को भी ठेके पर देने की तैयारी कर चुका है। आय बढ़ाने के चक्कर में नगर निगम पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़े करने के बदले शुल्क वसूलने पर जोर दे रहा है। शहर के एलन क्लब और सिविल लाइंस, एसबी इंटर कालेज, पटेल चौक के पास बनी पार्किंग में ठेकेदार ने बाउंसर के दम पर वसूली जारी रखी।
इन विवादों के बाद भी नगर निगम की रोड साइड पार्किंग के लिए चौपुला चौराहे से मालगोदाम रोड, प्रभा टाकीज से गांधी उद्यान के बीच और गांधी उद्यान से श्यामगंज रोड पर मानसिक अस्पताल के सामने पार्किंग स्थलों को भी ठेके पर देने जा रहा है। इसके कारण यहां भी वाहन खड़ा करने वाले लोगों को चारपहिया वाहन पार्किंग स्थल में खड़ा करता है तो केवल चार घंटे के लिए 50 रुपये देने होंगे। तीन पहिया वाहनों के 30, बाइक के 10 और साइकिल वालों से तीन रुपये लिए जा रहे हैं।
अगर चार घंटे से अधिक समय हो गया तो धनराशि में बढ़ोतरी हो जाएगी। शुल्क न देने की स्थिति में वाहन नहीं खड़ा कर सकेंगे। व्यापारियों का तर्क यह है कि जब नगर निगम ने पार्किंग बनाई थी तो शुल्क न लेने की बात कही थी। प्रीपेड व्यवस्था से ग्राहक दुकान पर आने से परहेज कर रहे हैं जिसके कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है।
