हल्द्वानी: नए वित्तीय साल में शराब से होगी 261 करोड़ की कमाई
हल्द्वानी, अमृत विचार। आबकारी विभाग ने नई आबकारी नीति के अंतर्गत अगले वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए सालाना कमाई का लक्ष्य 261 करोड़ निर्धारित किया है।नई आबकारी नीति में पहली बार व्यवस्था की गई है कि ई-निविदाओं के जरिए दुकान का आवंटन दो साल के लिए किया जाएगा। आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय …
हल्द्वानी, अमृत विचार। आबकारी विभाग ने नई आबकारी नीति के अंतर्गत अगले वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए सालाना कमाई का लक्ष्य 261 करोड़ निर्धारित किया है।नई आबकारी नीति में पहली बार व्यवस्था की गई है कि ई-निविदाओं के जरिए दुकान का आवंटन दो साल के लिए किया जाएगा।
आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020-21 में शराब से 259 करोड़ का राजस्व निर्धारित था। वहीं नए वित्तीय साल 2021-22 में 261 करोड़ और 2022-23 में 276 करोड़ रुपये राजस्व का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यानी अगले दो सालों में कुल 537 करोड़ रुपये का राजस्व कमाने का लक्ष्य है। इधर कोविड-19 की वजह से इस साल आवंटित हुई दुकानों से निर्धारित अधिभार वसूली नहीं हो पा रही है। लॉकडाउन और कोरोना महामारी के दौर के बाद शराब की बिक्री में भारी गिरावट आई है। इससे वजह से शराब कारोबारी समय से अधिभार नहीं चुका पा रहे हैं और उन्होंने रियायत देने की भी मांग की थी। कई दुकानों का दोबारा आवंटन नहीं हो सका है। ऐसे में राजस्व बढ़ाने से दुकानों के आवंटन पर भी असर पड़ सकता है।
= शराब से हटाया गया कोविड सेस =
कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद आबकारी पर सेस लगाया गया है। इसके अंतर्गत शराब के अलग-अलग ब्रांडों पर 600 रुपये से 1,000 रुपये तक प्रति पेटी कोविड सेस वसूला जाता था। नए वित्तीय वर्ष 2021-22 में शराब पर कोविड सेस नहीं वसूला जाएगा।
= दो करोड़ टर्नओवर वाली दुकान का स्थानीय को होगा आवंटन =
सालाना दो करोड़ टर्न ओवर वाली दुकान के लिए नैनीताल वासी ही आवेदन कर सकेंगे। हालांकि यदि कोई स्थानीय नागरिक आवेदन नहीं करता है तब अन्य जिलों के नागरिक आवेदन कर सकते हैं। वहीं दो से पांच करोड़ तक की टर्नओवर वाली दुकान के लिए उत्तराखंड के किसी भी जनपद का निवासी आवेदन कर सकता है। आबकारी विभाग के अनुसार नैनीताल जनपद की 26 दुकानों का सालाना टर्नओवर दो करोड़ रुपये तक है।
शासन की ओर से आबकारी का नए वित्तीय वर्ष का राजस्व 261 करोड़ निर्धारित किया गया है। नई आबकारी नीति के अंतर्गत दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया की जा रही है।
-रेखा जुयाल भट्ट, आबकारी अधिकारी, नैनीताल
