हल्द्वानी: वन चौकियों में रोशनी और पानी देंगे सोलर लाइट्स व पंप

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हल्द्वानी, अमृत विचार। अब जंगलों में बनी वन चौकियों में तैनात वन कर्मचारियों को बिजली, पानी की कमी से नहीं जूझना होगा। वन चौकियों में सोलर लाइट और सोलर पंप लगाए गए हैं ताकि उन्हें बुनियादी जरूरतों से नहीं जूझना पड़े। वन विभाग के अनुसार जंगलों में गश्त करने के लिए वन चौकियां बनाई जाती …

हल्द्वानी, अमृत विचार। अब जंगलों में बनी वन चौकियों में तैनात वन कर्मचारियों को बिजली, पानी की कमी से नहीं जूझना होगा। वन चौकियों में सोलर लाइट और सोलर पंप लगाए गए हैं ताकि उन्हें बुनियादी जरूरतों से नहीं जूझना पड़े।

वन विभाग के अनुसार जंगलों में गश्त करने के लिए वन चौकियां बनाई जाती हैं। ये चौकियां शहर से बहुत दूर जंगलों के बीचो बीच होती हैं इसलिए इन चौकियों में पेयजल और बिजली के कनेक्शन नहीं होने से यहां तैनात कर्मचारियों को बिजली, पानी की सुविधा नहीं मिल पाती है। उन्हें पानी के लिए जंगलों के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे वन्यजीवों से टकराव का खतरा बना रहता है। वहीं रात्रि में अक्सर परेशानी होती है। इधर हल्द्वानी वन डिविजन के अंतर्गत कई चौकियों में सोलर लाइट्स, सोलर पंप व मोटर लगाए गए हैं। वन अधिकारियों का मानना है कि जंगलों की बीट वॉचर, सुरक्षा गार्ड, वन दरोगा पर निर्भर रहती है। यदि उन्हें ही सुविधाएं नहीं मिलेंगी तो वे काम में लापरवाही कर सकते हैं। इसके अलावा इन कर्मचारियों को सुविधाएं देना वन विभाग की जिम्मेदारी है इसलिए इन चौकियों में सोलर लाइट्स और पंप लगाए गए हैं। डीएफओ हल्द्वानी कुंदन कुमार ने बताया कि जंगलों में तैनात कर्मी फ्रंट लाइन वर्कर्स हैं, इसलिए उनको बिजली, पानी की सुविधाएं देना जरूरी है। इसी मकसद से सोलर लाइट्स, पंप आदि लगाए गए हैं। ऐसे में कर्मी खुश रहेंगे तो जंगलों की सुरक्षा में लापरवाही नहीं होगी।

इन जगहों पर लगाई गई हैं सोलर लाइट्स

सेनापानी में बन बीट चौकी एवं विश्राम भवन, छीनी पौधालय,  भारत-नेपाल सीमा स्थित वन गोठ थपलिया खेड़ा, बुढ़मतोक कठौल, कलेगा, कलौनिया आदि जगहों पर सोलर लाइटस लगाई गई हैं जो अंधेरा होते ही चौकियों, तोक में रोशनी देते हैं।

यहां लगा है सोलर पंप

नंधौर और जौलासाल वन रेंजों के सीमा पर स्थित कलेगा कलौनिया वन चौकी में सोलर पंप लगाया गया है। यहां घने जंगल के बीचों बीच है और यहां पानी लेने जाने के लिए लिए दो-चार किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। पंप लगने से उन्हें परिसर में ही पानी मिल रहा है।

ये हैं फायदे

सोलर लाइट्स व पंप होने से बिजली का बिल नहीं आएगा

रात्रि में जंगली जानवरों का पता चल जाएगा और कर्मी अलर्ट हो जाएंगे

सोलर पैनल होने से चार्जिंग आदि तकनीकी झंझट से भी मुक्ति खुद ब खुद चार्ज होगी

वन कर्मचारियों के उत्साह में वृद्धि, ड्यूटी में लापरवाही नहीं होगी

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