बरेली: बॉम्बे हाईकोर्ट में हस्तक्षेप आवेदन दाखिल करने को सरकार तैयार
बरेली, अमृत विचार। सिन्थेटिक एंड केमिकल्स लिमिटेड कंपनी (रबर फैक्ट्री) की 1380.23 एकड़ भूमि बचाने के लिए जिला प्रशासन ने पैरवी तेज कर दी है। राज्य सरकार के पुनर्प्रवेश एवं स्वामित्व के संबंध में अलकेमिस्ट एसेट्स रिकांस्ट्रक्शंस लिमिटेड बनाम मैसर्स सिंथेटिक्स एंड केमिकल्स रबर फैक्ट्री प्रकरण में सरकार की ओर से हस्तक्षेप आवेदन (इंटरवेंशन एप्लीकेशन) …
बरेली, अमृत विचार। सिन्थेटिक एंड केमिकल्स लिमिटेड कंपनी (रबर फैक्ट्री) की 1380.23 एकड़ भूमि बचाने के लिए जिला प्रशासन ने पैरवी तेज कर दी है। राज्य सरकार के पुनर्प्रवेश एवं स्वामित्व के संबंध में अलकेमिस्ट एसेट्स रिकांस्ट्रक्शंस लिमिटेड बनाम मैसर्स सिंथेटिक्स एंड केमिकल्स रबर फैक्ट्री प्रकरण में सरकार की ओर से हस्तक्षेप आवेदन (इंटरवेंशन एप्लीकेशन) दाखिल करने की तैयारी पूरी कर ली गई।
इंटरवेंशन एप्लीकेशन बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल करने के लिए जिला प्रशासन ने शासन से अनुमति मांगी है। विशेष सचिव औद्योगिक विकास विभाग को पत्र लिखा है जिसमें 17 फरवरी तक अनुमोदन भेजने की बात कही है। रबर फैक्ट्री प्रकरण में बॉम्बे हाईकोर्ट में 24 फरवरी को अहम सुनवाई है। इसलिए 20 फरवरी तक हर हाल में जिला प्रशासन को इंटरवेंशन एप्लीकेशन दाखिल करनी है।
कलेक्ट्रेट सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी की ओर से विशेष सचिव को पत्र भेजा गया है। रबर फैक्ट्री वर्ष 1999 में बंद हो गई थी। इसकी भूमि सरकारी है। फैक्ट्री पूर्व में प्रबंधन को लीज पर दी गई थी। बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट पिटीशन संख्या 999/2000 अलकेमिस्ट एसेट्स रिकांस्ट्रक्शन लि. बनाम सिन्थेटिक एंड केमिकल्स फैक्ट्री व अन्य की सुनवाई चल रही है। इसमें राज्य सरकार की ओर से इंटरवेंशन एप्लीकेशन दाखिल होनी है। बॉम्बे हाईकोर्ट में पैरवी करने के लिए शासन स्तर से अधिवक्ता रमेश दुबे पाटिल नामित हैं।
कलेक्ट्रेट सूत्रों ने बताया कि जिला प्रशासन ने 8 फरवरी को नामित अधिवक्ता की जूनियर अधिवक्ता को ई-मेल के जरिए इंटरवेंशन एप्लीकेशन तैयार कर उपलब्ध कराई गई है। एप्लीकेशन के संबंध में मंडलायुक्त को भी जानकारी दी गई। मंडलायुक्त के निर्देश पर इंटरवेंशन एप्लीकेशन पर शासन स्तर से अनुमोदन लेने के लिए विशेष सचिव को पत्र भेजा गया है। रिट पर बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा अगली सुनवाई 24 फरवरी नियत की गई है। 20 फरवरी तक इंटरवेंशन एप्लीकेशन दाखिल करनी है।
चार गांवों से लगी है 1380.23 एकड़ भूमि
2 मई, 1961 को उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल एवं मैसर्स सिन्थेटिक एंड केमिकल्स लिमिटेड कंपनी के मध्य अंतरण विलेख (डीड ऑफ ट्रांसफर) निष्पादित की गई। तहसील बरेली में शामिल ग्राम रूकुमपुर व माधौपुर माफी से संबंधित बंदोबस्त अभिलेख अंतरण विलेख एवं खतौनियों का परीक्षण किया गया जिसमें रबर फैक्ट्री के संबंध में कई निष्कर्ष सामने आये। 2 मई, 1961 में अंतरण विलेख में ग्राम भिटौरा नौगवां उर्फ फतेहगंज पश्चिमी, ग्राम कुरतरा तहसील मीरगंज और रूकुमपुर व माधौपुर गांव तहसील सदर के चार राजस्व गांवों का कुल क्षेत्रफल 1380.23 एकड़ रकबा, तीन लाख नौ हजार 554 रुपये में खरीदा गया था।
केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर फैक्ट्री की देनदारियों की पुन: गणना शुरू
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की चिट्ठी के बाद जिलाधिकारी ने रबर फैक्ट्री की देनदारियों की पुन: गणना कराने के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त को निर्देश दिए। सूत्रों ने बताया कि देनदारियों की गणना शुरू कर दी गई है। जनवरी में रबर फैक्ट्री यूनियन के कर्मचारी नेता अशोक मिश्रा ने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखा जिसमें बताया कि श्रम विभाग ने 2002 में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के माध्यम से श्रमिकों के लंबित देयों का भुगतान कराने के संबंध में रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किए गए थे।
वाद बाम्बे हाईकोर्ट में चलने के कारण देनदारियों के संबंध में कोई निर्णय नहीं हुआ। अशोक मिश्रा ने देनदारियों की पुन: गणना कराने की मांग उठाई। इसी संबंध में केंद्रीय मंत्री ने डीएम को पत्र लिखा था जिसमें बताया कि 2002 में जारी आरसी में उल्लिखित लंबित देय राशि पिछले 18-19 वर्षों में बढ़कर कई गुना होने के कारण सिन्थेटिक एंड केमिकल्स की इस विषय से संबंधित देनदारियों में भी कई गुना वृद्धि हो गई होगी। ऐसे में संबंधित आरसी या किसी अन्य देनदारी के संदर्भ में वर्ष 2020 में मय ब्याज के देनदारियों की गणना पुन: करवाकर संबंधित अधिवक्ता को विवरण भेज दिया जाए।
रबर फैक्ट्री की जमीन वापस लेने की कोशिश जारी है। बॉम्बे हाईकोर्ट में 20 फरवरी तक याचिका दाखिल हो जाएगी। शासन के निर्देश पर मजबूत पैरवी करने के लिए कागजात तैयार कराए जा रहे हैं। -मनोज कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
