बरेली: बीमारी और कर्ज से परेशान बुजुर्ग ने पेट फाड़कर दी जान

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अमृत विचार, फतेहगंज पूर्वी/ बरेली। बीमारी ओर कर्ज से परेशान एक अधेड़ ने आत्मघाती कदम उठा लिया। बुजुर्ग ने सुबह घर पर ही ब्लेड से अपने पेट पर कई बार कर लिए। उसके बाद परिवार के लोगों को जब घटना की जानकारी हुई तो उसे लेकर जिला अस्पताल में पहुंचे। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों …

अमृत विचार, फतेहगंज पूर्वी/ बरेली। बीमारी ओर कर्ज से परेशान एक अधेड़ ने आत्मघाती कदम उठा लिया। बुजुर्ग ने सुबह घर पर ही ब्लेड से अपने पेट पर कई बार कर लिए। उसके बाद परिवार के लोगों को जब घटना की जानकारी हुई तो उसे लेकर जिला अस्पताल में पहुंचे। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसका आपरेशन किया, इसके बाद कुछ देर बाद ग्रामीण की मौत हो गई। डाक्टरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

राजाराम का फाइल फोटो।

फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र के गांव नई कॉलोनी बिलपुर निवासी 55 वर्षीय राजाराम पुत्र जागन लाल मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। बेटे अनिल ने बताया कि पिता करीब पांच साल से सांस और खासी की बीमारी से जूझ रहे थे। उसके बाद जांच में उसे टीबी की पुष्टि की हुई थी। बीमारी के बाद उसने काम करना भी बंद कर दिया था। इलाज के नाम पर करीब डेढ़ लाख रुपया का कर्ज हो गया था।

उसके बाद से ही राजाराम तनाव में रहने लगे थे। बेटे अनिल ने बताया कि बुधवार की सुबह करीब छह बजे बुजुर्ग ने चारपाई पर ही ब्लेड से अपना पेट फाड़ लिया। जब परिवार के लोग चाय देने के लिए उनके पास पहुंचे तो देखा कि वह लहूलहान पड़े हुए थे। परिजन तुरंत उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डाक्टरों ने बुजुर्ग को भर्ती करने के बाद आपरेशन शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान राजाराम की मौत हो गई।

मूल रूप से शाहजहांपुर के रहने वाले थे राजाराम
राजाराम थाना खुदागंज जनपद शाहजहांपुर के गांव ईश्वरा के मूल निवासी थे। करीब 17 साल पहले वह अपने बेटे अनिल के साथ आकर फतेहगंज पूर्वी नई कॉलोनी में किराये के मकान में रहते थे। यहां पर वह बेटे के साथ रहकर मजदूरी एवं सब्जी बेचने का कार्य करते था। एक बेटी की भी कई साल पहले फरीदुपर से शादी कर चुके थे। परिजनों ने बताया कि पत्नी को भी दो साल पहले देहांत हो चुका है।

बीमारी के बाद से ही छूट गया था काम
बताया जाता है कि कई सालों से राजाराम सांस की बीमारी से ग्रस्त थे। जिसके चलते उन्होंने काम पर भी जाना बंद कर दिया था। बीमारी और आर्थिक तंगी से परेशान राजाराम ने घातक कदम उठा लिया। बेटे अनिल ने बताया कि करीब डेढ़ लाख रुपय का कर्ज होने के चलते पिता तनाव में रहने लगे थे। वही घर में मौजूद अनिल की पत्नी रीना ने बताया कि गांव में कुछ जमीन है लेकिन गांव से जमीन का कोई भी राशन हमने कभी आते हुएनहीं देखा है। लेकिन मृतक राजाराम कभी-कभी प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के ₹2000 बैंक के खाते में आने की बात कहते थे।

मौके पर जांच के लिए गए थे। बेटे अनिल ने बताया कि पिता बीमार रहते थे। इसी के चलते उन्होने पेट में धारदार हाथियार मारकर जान दे दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। -विजय कुमार, इंस्पेक्टर

राजाराम ने किसी भी प्रकार का कोई सरकारी सुविधा लेने का आवेदन नहीं किया था। अगर वह किसी भी सरकारी सुविधा के लिए आवेदन करते तो उन्हें उसका लाभ दिलाया जाता। -जितेंद्र वर्मा उर्फ पिंटू, ग्राम प्रधान

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