बरेली: अहिच्छत्र के सौंदर्यीकरण को 80 में से 30 लाख रुपये देगा प्रशासन
अमृत विचार, बरेली। अहिच्छत्र के सौंदर्यीकरण के लिए 80 में से तीस लाख रुपये प्रशासन की ओर से दिए जाएंगे। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की मेरठ इकाई के अधिकारियों को 30 लाख रुपये का बजट देने की हामी भर दी है। हालांकि, एएसआई ने इसकी अनुमानित लागत 80 लाख रुपये बताई …
अमृत विचार, बरेली। अहिच्छत्र के सौंदर्यीकरण के लिए 80 में से तीस लाख रुपये प्रशासन की ओर से दिए जाएंगे। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की मेरठ इकाई के अधिकारियों को 30 लाख रुपये का बजट देने की हामी भर दी है। हालांकि, एएसआई ने इसकी अनुमानित लागत 80 लाख रुपये बताई थी। अभी अहिच्छत्र के अंदर और बाहर निर्माण कार्य कराने पर कितना बजट खर्च होगा, इसका आगणन तैयार नहीं हुआ है।
एएसआई के अधिकारियों को अहिच्छत्र की कई चीजों ने प्रभावित किया है। एएसआई ने भी इसे पर्यटन के रूप में विकसित करने की सहमति जताई है। प्रशासन को जल्द आगणन भेजने की बात कही है। अहिच्छत्र के अंदर जो सड़कें बनाई जाएंगी वह खड़ंजा जैसी बनेंगी ताकि खड़ंजा बनाने के दौरान धरोहरों को किसी प्रकार से नुकसान न पहुंचे। जिलाधिकारी नितीश कुमार के अनुसार, अहिच्छत्र के चारों ओर चहारदीवारी भी बनाई जाएगी। भव्य म्यूजियम तथा इंटरप्रिटेशन सेंटर भी बनेगा। अहिच्छत्र के अंदर कई पौराणिक चीजें हैं जो युवा पीढ़ी को प्रेरणा देने का कार्य करेंगी। इन्हें म्यूजियम में रखा जाएगा।
जिलाधिकारी के अनुसार, 8 फरवरी को अहिच्छत्र का दौरा करने के बाद एएसआई ने सौंदर्यीकरण की मंजूरी दी है। निर्माण कार्य एएसआई स्वयं कराएगी या प्रशासन करवाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। अहिच्छत्र से जुड़े संपर्क मार्ग का सुदृढ़ीकरण कराने की तैयारी है। जिलाधिकारी ने बताया कि रामनगर से अहिच्छत्र तक सड़क कच्ची है। इसका डामरीकरण कराने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को सर्वे कर आगणन के साथ रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट मिलते ही बजट भी उपलब्ध करा दिया जाएगा।
अहिच्छत्र की पूरी पैमाइश भी कराई जाएगी
अहिच्छत्र का कितना रकबा है, इसके आसपास कितनी भूमि अहिच्छत्र से जुड़ी हुई है, इसकी सही जानकारी के लिए पैमाइश कराई जाएगी। एएसआई की लिखित मंजूरी आने के बाद आंवला तहसील प्रशासन सर्वे कराएगा। अहिच्छत्र के हिस्से में सौ एकड़ भूमि कई किसानों की भी बताई जाती है।
