चीन की भूमिका

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Edited By Amrit Vichar
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पिछले दिनों विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम ने चीन जाकर यह पता लगाने का प्रयास किया कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति कहां से हुई है। विज्ञानियों का मानना है कि चमगादड़ ही इस वायरस के वाहक हैं। उनसे यह वायरस किसी दूसरे जानवर में प्रवेश किया और उसके संपर्क में आने से मनुष्य संक्रमित हुए। …

पिछले दिनों विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम ने चीन जाकर यह पता लगाने का प्रयास किया कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति कहां से हुई है। विज्ञानियों का मानना है कि चमगादड़ ही इस वायरस के वाहक हैं। उनसे यह वायरस किसी दूसरे जानवर में प्रवेश किया और उसके संपर्क में आने से मनुष्य संक्रमित हुए। डब्ल्यूएचओ टीम के नेतृत्वकर्ता पीटर बेन एंबारेक का मानना है कि यह वायरस सघन आबादी वाले वुहान में रौद्र रूप दिखाने से पहले मनुष्यों में प्रसारित हो रहा होगा।

मिशन की समाप्ति के बाद टीम के एक सदस्य ने कहा था कि इनमें से कुछ जानवर उन जगहों पर भी देखे गए हैं जो क्षेत्र में चमगादड़ों के आश्रय माने जाते हैं। यानि डब्ल्यूएचओ की तरफ से वुहान भेजी गई टीम कोरोना वायरस की उत्पत्ति के सिद्धांतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं साबित कर सकी।

टीम का कहना है कि संभावना है कि वायरस किसी जानवर से इंसान में फैला हो। हालांकि, यह निष्कर्ष कहीं न कहीं चीन के खिलाफ उपजे विश्वव्यापी विरोध को दबाने का प्रयास जान पड़ता है। अमेरिका समेत दुनिया के तमाम देश चीन पर समय रहते वायरस से जुड़ी जानकारी साझा न करने के आरोप लगाते रहे हैं। इसके विपरीत चीन अपनी धरती से वायरस फैलने के तथ्य को सिरे से नकारता रहा है। डब्ल्यूएचओ का निष्कर्ष उन लोगों को संतुष्ट नहीं कर सकता जो जानते हैं कि चीन साक्ष्यों को छिपाने में माहिर है।

महामारी को लेकर चीन की भूमिका कई मायनों में संदिग्ध रही है। जब दुनिया कोरोना संकट से उबरने में लगी थी तो चीन अपने साम्राज्यवादी मंसूबों को अंजाम दे रहा था। अपने पड़ोसियों की संप्रभुता को रौंदकर अपने विस्तारवादी इरादों को विस्तार दे रहा था। इस दौरान उसने अपने कूटनीतिक अभियानों व चिकित्सा उपकरणों के कारोबार को खूब विस्तार दिया। जहां एक ओर दुनिया की तमाम छोटी-बड़ी अर्थव्यवस्थाएं कोरोना संकट से चरमरा गईं वहीं चीन की ही अर्थव्यवस्था ने तेजी से विकास किया।

चीन कोरोना से बचाव के उपकरणों और वैक्सीन कूटनीति में जुटा रहा। नि:स्संदेह पूरी दुनिया चाहती है कि कोरोना संकट फैलाने में चीन की संदिग्ध भूमिका का सच जल्द से जल्द सामने आए। भविष्य के खतरों से बचने के लिये इस मामले की तह तक पहुंचना जरूरी है ताकि मानव जाति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की जा सके। साथ ही भविष्य में ऐसी जैविक तबाही को समय रहते फैलने से रोका जा सके।