बरेली: बोर्ड तो लगे पर वाहन 50 मीटर के अंदर ही हो रहे खड़े
अमृत विचार, बरेली। चौराहों पर 50 मीटर तक किसी भी तरह के वाहन या अवरोधक खड़े नहीं किए जा सकते हैं क्योंकि इनकी वजह से जाम लगता है। बरेली में किसी भी चौराहे, तिराहे या प्वाइंट पर इसका पालन नहीं हो रहा है। कुछ दिनों पहले यातायात पुलिस ने चौराहों पर बोर्ड लगाए हैं। इन …
अमृत विचार, बरेली। चौराहों पर 50 मीटर तक किसी भी तरह के वाहन या अवरोधक खड़े नहीं किए जा सकते हैं क्योंकि इनकी वजह से जाम लगता है। बरेली में किसी भी चौराहे, तिराहे या प्वाइंट पर इसका पालन नहीं हो रहा है। कुछ दिनों पहले यातायात पुलिस ने चौराहों पर बोर्ड लगाए हैं। इन बोर्ड में लिखा है कि चौराहा से 50 मीटर तक किसी भी तरह के वाहन खड़ा न करें। पुलिस ने तीन पहले अभियान चलाकर 40 से अधिक ऑटो-टैंपो पर कार्रवाई भी की थी, लेकिन उसके बाद फिर कार्रवाई बंद कर दी गई। ऐसे में रोजाना लोग जाम में फंस रहे हैं।
शहर में ऐसा कोई स्थान नहीं बचा है, जहां पर जाम नहीं लग रहा है। शहर में फ्लाईओवर और सीवर लाइन के निर्माण की वजह से जाम लग रहा है। इन रास्तों से गुजरने के बाद वाहन चौराहों पर फंस जाते हैं। चौराहों पर ऑटो-टैंपो खड़े होकर सवारियां भरते हैं। इसके अलावा डग्गामार वाहन भी सवारियां भरने के लिए चौराहा पर खड़े होते हैं। कुछ जगह बचती है तो ठेले व खोखे वाले दुकान सजाकर बैठ जाते हैं। सैटेलाइट चौराहा की बात करें तो यहां पर चारों तरफ अवरोधक बने हैं। चारों तरफ ऑटो-टैंपो खड़े होकर सवारियां भरते हैं। बस अड्डा की तरफ बसें व ऑटो के साथ ठेले वाले भी खड़े होते हैं जिससे जाम लगता है।
इस चौराहा पर कई जगह पुलिस भी खड़ी होती है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। जब जाम अधिक लग जाता है तब उसे खुलवाने के प्रयास होते हैं। खुर्रम गौटिया मोड़ पर भी ऑटो खड़े होते हैं, जिससे दूसरे वाहनों को मुड़ने में दिक्कत होती है। श्यामगंज पर तो मुख्य चौराहा से लेकर आजाद इंटर कॉलेज तक ऑटो-टैंपो व ठेले वालों की वजह से दिक्कत होती है। बरेली कॉलेज के मुख्य द्वार पर ही ई-रिक्शा व आटो कब्जा करके खड़े हो जाते हैं।
पटेल चौक, नावल्टी चौक, चौकी चौराहा, चौपुला चौराहा, सिटी स्टेशन, मिनी बाईपास, इज्जतनगर रेलवे स्टेशन के सामने, कोहाड़ापीर, डेलापीर, 100 फुटा रोड पर दोनों तरफ, नकटिया, संजय नगर तिराहा, डोहरा रोड, बीसलपुर चौराहा समेत अन्य जगहों पर कुछ इसी तरह के हालात हैं। पूर्व एसपी ट्रैफिक ने चौराहों व सड़कों के अवरोधकों को हटाने के लिए संबंधित विभागों को लिखा था। दो महीने बाद किसी भी विभाग के जूं नहीं रेंगी।
