बरेली: कैंट बोर्ड के चुनाव के लिए हलचल तेज, जल्द कार्यक्रम जारी होने की उम्मीद
अमृत विचार, बरेली। छावनी में इन दिनों चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। अपने वार्डों से दावेदारी करने वाले प्रत्याशी छावनी परिषद के चक्कर लगाते नजर आ रहे हैं। बता दें कि छावनी परिषद के सभासदों का कार्यकाल पूरा हो चुका है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि लखनऊ से कभी …
अमृत विचार, बरेली। छावनी में इन दिनों चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। अपने वार्डों से दावेदारी करने वाले प्रत्याशी छावनी परिषद के चक्कर लगाते नजर आ रहे हैं। बता दें कि छावनी परिषद के सभासदों का कार्यकाल पूरा हो चुका है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि लखनऊ से कभी भी चुनाव की तारीख आ सकती है।
चुनाव प्रक्रिया में देरी के पीछे छावनी परिषद के 2006 एक्ट में चल रहे संशोधन की वजह बताई जा रही है। ऐसे में सभासदों का कहना है कि महिला आरक्षण प्रणाली भी नई तरीके से की जाए, जिसे जो वार्ड महिला आरक्षित नहीं हुए है, वो वार्ड भी महिला आरक्षित हो सकें। दरअसल, छावनी परिषद कार्यालय में करीब एक साल पहले पर्ची सिस्टम से महिला वार्ड आरक्षित किए गए थे।
उस दौरान तक छावनी के एक्ट में कोई संशोधन नहीं चल रहा था, लेकिन अब सभासद के साथ-साथ स्थानीय लोगों का कहना है कि जब एक्ट में परिवर्तन किए जा रहे है, तब महिला आरक्षित वार्ड की प्रक्रिया भी दोबारा की जाए।
वार्ड-तीन में सबसे ज्यादा है एससी आबादी
2011 की जनगणना के अनुसार कैंट के 7 वार्डों में सर्वाधिक एससी जनसंख्या वार्ड 3 में है। इसलिए यह वार्ड पहले से ही एससी तय हो चुका है और होने वाले चुनाव में भी इस सीट से एससी प्रत्याशी ही दावेदार होगा लेकिन महिला वार्ड को लेकर खींचतान चल रही है। इसे पहले के चुनावों में वार्ड संख्या 1 और 6 महिला वार्ड हुए थे। लिहाजा इस वार्ड को छोड़कर अन्य वार्डों के बीच लॉटरी विधि से महिला वार्ड तय किया गया। जिसमें वार्ड 2 और 4 को महिला वार्ड तय किया गया था।
उपाध्यक्ष के चुनाव में जनता करेगी वोट
छावनी के होने वाले चुनावों में इस बार जनता उपाध्यक्ष को वोट करेगी। पहली बार ऐसा प्रक्रिया की जाएगी, जो महापौर की तरह होगी। अब तक उपाध्यक्ष का चुनाव सभासद करते हैं। रक्षा मंत्रालय ने जनता से एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव मांगे थे, इसमें उपाध्यक्ष का चुनाव वार्ड सदस्यों की तरह सीधे जनता से कराएं जाने पर सहमति हुई थी।
महिला वार्ड को लेकर रक्षा मंत्रालय की ओर से जैसा निर्देश आएगा, वैसा ही किया जाएगा। चुनाव को लेकर संशय बना हुआ है, हाल ही में कैंट बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हुआ है। लोगों में चुनाव को उत्सुकता है। -आरके महेश्वरी, अधीक्षण अभियंता, छावनी परिषद
जनता का कहना है कि फिर से एक बार लॉटरी विधि से महिला वार्ड तय किए जाएं। जिससे जो लोग इच्छुक हो वह चुनाव लड़ सकें। -धर्मवीर यादव, सभासद, वार्ड 4
कैंट के एक्ट के तहत प्रक्रिया चल रही है। एक्ट में परिवर्तन हो रहे है। ऐसे में जो लॉटरी विधि करीब 1 साल पहले हो चुकी है, उसे फिर से दोबारा किया जाए। -मदन सिंह बिष्ट, सभासाद, वार्ड 2
पुराने तौर तरीके जब बदले जा रहे है तो जो महिला वार्ड लॉटरी विधि से हुए उन्हें भी नई प्रणाली के तहत दोबारा से तय किया जाए। इसमें जनता का हित है। -शशीकांत जायसवाल, पूर्व उपाध्यक्ष, छावनी परिषद
साल 2020 में महिला वार्ड की प्रक्रिया की गई थी। चुनाव करीब नहीं थे फिर भी ये प्रक्रिया हुई। ऐसे में जब एक्ट में परिवर्तन चल रहे है तो ये प्रक्रिया भी दोबारा की जाए। -इमरान खान, समाजसेवी
