बरेली: रुहेलखंड विश्वविद्यालय से जुड़ेगा पुरातन छात्रों का रिश्ता
अमृत विचार, बरेली। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पुरातन छात्रों का रिश्ता अब विश्वविद्यालय से फिर से जुड़ने वाला है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय पुरातन छात्र परिषद (रुहेलखंड यूनिवर्सिटी एल्म्युमिनी एसोसिएशन) ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, कुलपति प्रो. केपी सिंह, शहर विधायक डा. अरुण …
अमृत विचार, बरेली। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पुरातन छात्रों का रिश्ता अब विश्वविद्यालय से फिर से जुड़ने वाला है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय पुरातन छात्र परिषद (रुहेलखंड यूनिवर्सिटी एल्म्युमिनी एसोसिएशन) ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, कुलपति प्रो. केपी सिंह, शहर विधायक डा. अरुण कुमार व फरीदपुर विधायक प्रो. श्याम विहारी ने एल्यूमिनी ईव कार्यक्रम में लैपटॉप पर क्लिक कर एल्युमिनाई एसोसिएशन का पोर्टल लांच किया। इस पोर्टल पर पूर्व छात्रों को जोड़ा जाएगा। रूआ उवाच कार्यक्रम के तहत पूर्व छात्र ऑनलाइन भी संवाद कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय में पुरातन छात्र परिषद पहले से ही था, लेकिन कभी कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किए गए। जब पहली बार कार्यक्रम हुआ तो पूर्व छात्रों ने इसकी सराहना भी की और साथ ही पहले कार्यक्रम न होने पर खामियां भी गिनाईं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व विश्वविद्यालय के एल्युमिनी केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
उन्होंने कहा कि एल्युमिनी ईव से पुराने छात्रों को जोड़ने का काम विश्वविद्यालय ने किया है। पूर्व छात्र विश्वविद्यालय को भविष्य में बेहतर बनाने में अहम योगदान दे सकते हैं। कार्यक्रम में अतिथि शहर विधायक डा. अरुण कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय की तरक्की तभी है, जब वहां के छात्र देश-विदेश में अपनी धाक जमाएं। फरीदपुर विधायक व विश्वविद्यालय के प्रो. श्याम विहारी ने कहा कि पहले एल्म्युमिनी एसोसिएशन नाम मात्र की थी।
उन्होंने सचिवालय के अपने अनुभव शेयर किए, जिसमें उन्होंने बताया कि जब सचिवालय के अधिकारियों को पता चला कि वह भी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से पढ़े हैं तो उन्होंने खुद आगे बढ़कर उनके काम आसानी से करा दिए। एमबीए विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डा. राजकमल ने तो रूआ उवाच कार्यक्रम के तहत बोलते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय तो उनके लिए ही बना है। उन्होंने इसी विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और फिर नौकरी। अब उनके बच्चे भी अच्छे मुकाम पर पहुंच गए हैं।
उन्होंने बताया कि ऐसे छात्र भी हैं, जिनकी 1975 की डिग्री तो रुहेलखंड विश्वविद्यालय की लेकिन इसके पीछे एग्जाम कंडक्ट बाई आगरा यूनिवर्सिटी लिखा है। कार्यक्रम में डा. दीपक कुदेशिया, प्रो. एके सरकार, डा. वंदना शर्मा ने भी अपनी बात रखी। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. केपी सिंह ने बताया कि पुरातन छात्र हमारे लिए कीमती हैं। देश के 100 से अधिक संस्थानों में भी विश्वविद्यालय का नाम नहीं है। यह परसेप्शन की वजह है। जब लोग विश्वविद्यालय से जुड़ेंगे और इसके बारे में देश के अलग-अलग हिस्से में बताएंगे तो लोग विश्वविद्यालय के बारे में जानेंगे।
उन्होंने बताया कि एल्युमिनी पोर्टल के जरिए पुराने छात्रों को जोड़ा जाएगा। उन्हें पहचान पत्र भी दिया जाएगा। सभी का डाटाबेस तैयार किया जाएगा। वन स्टॉप एक्जिट हेल्प डेस्क शुरू की जाएगी। डिजिटल गैलरी भी बनाई जाएगी। जॉब बोर्ड्स शुरू किया जाएगा, इसके तहत जॉब देने वाले भी एल्युमिनी जोड़े जाएंगे। इंडस्ट्रलिस्ट को जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम में कुलसचिव डा. सुनीता पांडेय, भाजपा नेता गुलशन आनंद, आदेश प्रताप सिंह, पुरातन छात्र परिषद के उपाध्यक्ष प्रो. संजय मिश्रा, सचिव डा. आलोक श्रीवास्तव, चीफ प्रॉक्टर जेएन मौर्या, डिप्टी चीफ प्रॉक्टर एके सिंह, सहायक कुलसचिव आनंद मौर्या, विधि विभागाध्यक्ष डा. अमित सिंह, प्रो. आलोक खरे, समेत कई शिक्षक, छात्र व एल्युमिनी मौजूद रहे।

एल्युमिनी ईव में कराए बरेली के दर्शन
एल्युमिनी ईव पर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए गए। सांस्कृतिक समन्वयक प्रो. आशा चौबे के द्वारा तैयार स्कूप के जरिए बरेली के दर्शन कराए गए। इसके जरिए बरेली का इतिहास, नाथ नगरी, आला हजरत, जरी जरदोरी, पतंग, मांझा, जुमका सभी को एक अलग ही तरह से पेश किया गया।
रैंप वॉक भी की गई, जिसमें देश के अलग-अलग राज्यों की पोशाक और कल्चर को दिखाया गया। छात्रों के द्वारा सदाबहार गीत पर सभी झूमने लगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डॉ रुचि द्विवेदी, नवनीत शुक्ला, कामिनी विश्वकर्मा, लक्ष्य लता प्रजापति व प्रसून त्रिवेदी का अहम योगदान रहा।
