हल्द्वानी: प्लास्टिक जलाने के कारण बायो मेडिकल वेस्ट यूनिट में खराबी, मरम्मत का इंतजार
प्रशांत पांडे, हल्द्वानी। कोविड वेस्ट के साथ ज्यादा मात्रा में प्लास्टिक जलाए जाने के कारण सेंट्रल बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फेसिलिटी के अंर्तगत बर्निंग इंसुलेटर में खराबी आ गई है। इस कारण पर्याप्त मात्रा में मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नही हो पा रहा है। यहां लगे बर्निंग यूनिट द्वारा सौ किग्रा प्रति घंटा की क्षमता के …
प्रशांत पांडे, हल्द्वानी। कोविड वेस्ट के साथ ज्यादा मात्रा में प्लास्टिक जलाए जाने के कारण सेंट्रल बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फेसिलिटी के अंर्तगत बर्निंग इंसुलेटर में खराबी आ गई है। इस कारण पर्याप्त मात्रा में मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नही हो पा रहा है। यहां लगे बर्निंग यूनिट द्वारा सौ किग्रा प्रति घंटा की क्षमता के हिसाब से वेस्ट को जलाकर नष्ट किया जाता है। लेकिन यूनिट में खराबी के कारण 50 से 60 किग्रा ही वेस्ट को नष्ट किया जा रहा है। यूनिट द्वारा रोजाना लगभग चार सौ क्विंटल से ज्यादा का वेस्ट जलाया जाता है, लेकिन खराबी के कारण वर्तमान में सिर्फ ढ़ाई सौ क्विंटल ही जलाया जा रहा है।
यूनिट की रही महत्वपूर्ण भूमिका
सुशीला तिवारी अस्पताल में एकत्र होने वाले मेडिकल वेस्ट को पूर्णतया नष्ट करने के लिए युनिट का निर्माण किया गया है। मार्च माह में कोराना काल की शुरुवात से ही यहां पीपीई किट सहित ग्लूकोज बोतल, सिरिंज, वॉयल और बैंडेज आदि को जलाया जा रहा है। अब तक हजारों क्विंटल वेस्ट इस यूनिट के जरिए नष्ट किया जा चुका है। कोरोना महामारी के शुरुवात में समुचित व्यवस्था के अभाव के चलते आनन – फानन में उच्चधिकारियों के आदेश पर यहां प्लास्टिक से बने वस्तुओं को भी जलाया जाने लगा। फलस्वरुप यूनिट की नियंत्रण क्षमता पर बूरा प्रभाव पड़ा है। यूनिट द्वारा तापमान कम करने की क्षमता पूरी तरह से खतम हो गई है। इस कारण किसी प्रकार के मेडिकल वेस्ट को हाई टेंप्रेचर पर ही जलाना पड़ रहा है।
डंप है सैकड़ों क्विंटल मेडिकल वेस्ट
यहां रोजाना 150 से 200 क्विंटल तक मेडिकल वेस्ट नष्ट करने के लिए पहुंचता है। यूनिट में खराबी के कारण वेस्ट को नही जलाया जा सका है। यूनिट परिसर में अभी भी चार सौ क्विंटल से ज्यादा वेस्ट डंप किया गया है और इनमें भी प्लास्टिक बोतल सहित हजारों की संख्या में सिरिंज मौजूद है।
कोरोना काल की शुरुवात से ही यूनिट में हजारों क्विंटल मेडिकल वेस्ट जलाया जा रहा है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्लास्टिक वस्तुओं का जलाया जा रहा है। अब खराबी के बाद मरम्मत कराने की मांग की गई है।
- गिरीश जोशी, यूनिट इंचार्ज, हल्द्वानी
