पर्यावरण के अनुकूल
केंद्र सरकार ने प्रदूषण और पेट्रोलियम ईंधन पर निर्भरता को कम करने के लिए फेम इंडिया के नाम से एक योजना शुरू की थी। योजना का मुख्य उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक और हाईब्रिड वाहनों के तेजी से इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। इसके लिए लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद में शुरूआती स्तर पर प्रोत्साहन …
केंद्र सरकार ने प्रदूषण और पेट्रोलियम ईंधन पर निर्भरता को कम करने के लिए फेम इंडिया के नाम से एक योजना शुरू की थी। योजना का मुख्य उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक और हाईब्रिड वाहनों के तेजी से इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। इसके लिए लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद में शुरूआती स्तर पर प्रोत्साहन राशि देने तथा ऐसे वाहनों की चार्जिंग के लिए पर्याप्त आधारभूत ढांचा विकसित करना है।
यह योजना पर्यावरण प्रदूषण और ईंधन सुरक्षा जैसी समस्याओं का समाधान करेगी। योजना का दूसरा चरण देश में 2019 में शुरू हुआ।
हाल ही में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में योजना के दूसरे दूसरे चरण से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। योजना को लागू करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
योजना के मुताबिक, अब तक देश में सात से साढ़े सात लाख इलेक्ट्रिक गाड़ियां लांच हो जानी चाहिए थीं, जबकि मात्र 50 हजार ही ऐसी गाड़ियां ही लाई जा सकी हैं। बाजार में 70 से 80 हजार कीमत के इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध हैं, इनको बढ़ावा देने के लिए सरकार को नए प्रावधान लाने चाहिए। इन वाहनों की खरीद को बढ़ावा देने और इसे आमजन के लिए सुलभ बनाने के लिए अभी बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है।
जागरूकता के स्तर पर भी काफी कमियां हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि वाहनों से होने वाले प्रदूषण की गंभीर चुनौती से निपटने की एक सार्थक शुरुआत हो सके। साथ ही लोगों को जागरूक किया जाये, जिससे आनेवाले दिनों में लोग इलेक्ट्रिक वाहनों के फायदे एवं उसके भविष्य को लेकर आश्वस्त हो सकें।
इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर इंडस्ट्री में काफी परिवर्तन किए जाने की जरूरत है। देश में अभी इलेक्ट्रिक वाहनों में प्रयोग किए जानेवाले मोटर और बैटरी सेल नहीं बनाए जाते, लेकिन ये रातों-रात होने वाले परिवर्तन नहीं हैं। इंडस्ट्री को बदलने में अभी समय लगेगा।
अच्छी बात है कि सरकार की ओर से इसे लेकर काम किया जा रहा है।
सरकार भले ही प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है, लेकिन आम लोगों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि ये वाहन उनके लिए अधिक उपयोगी हैं। जहां तक प्रदूषण को नियंत्रित करने की बात है, तो इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक से अधिक प्रयोग इस दिशा में पहला चरण साबित हो सकता है।
