किच्छा: किसानों ने टोल फ्री करने की मांग को लेकर 5 घंटे जाम किया बैरियर
किच्छा, अमृत विचार। कृषि कानून को वापस करने, एमएसपी के लिए कानून बनाए जाने के साथ ही दिल्ली आंदोलन में जाने वाले स्थानीय किसानों को टोल न देने की मांग जोर पकड़ रही है। इसे लेकर किच्छा रुद्रपुर मार्ग स्थित टोल प्लाजा बैरियर पर सैकड़ों किसानों ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। इससे करीब 5 …
किच्छा, अमृत विचार। कृषि कानून को वापस करने, एमएसपी के लिए कानून बनाए जाने के साथ ही दिल्ली आंदोलन में जाने वाले स्थानीय किसानों को टोल न देने की मांग जोर पकड़ रही है। इसे लेकर किच्छा रुद्रपुर मार्ग स्थित टोल प्लाजा बैरियर पर सैकड़ों किसानों ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। इससे करीब 5 घंटे तक टोल सेवा प्रभावित रही, किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पांच घंटे तक टोल सेवा फ्री रही। जिससे हजारों वाहन बिना टैक्स दिए मौके से निकल गए।
किसानों और संघर्ष के लिए बनाई गई समिति के आह्वान पर तीन कृषि कानूनों के विरोध में सैकड़ों की संख्या में क्षेत्र के आसपास के किसान देवरिया स्थित टोल प्लाजा पर पहुंचे। जहां उन्होंने दिल्ली कूच कर रहे किसानों के वाहनों को टोल फ्री करने का मुद्दा उठाते हुए नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसानों द्वारा लंबे समय से कृषि कानून के विरोध में आंदोलन किया जा रहा है और दिल्ली जाने के दौरान उन्हें कई स्थानों पर टोल टैक्स देना पड़ता है, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने किसान यूनियन का झंडा लगे वाहनों से टोल टैक्स वसूलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलक राज बेहड़ सहित तमाम कांग्रेसियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया और कृषि कानून को काला कानून बताते हुए वापस लेने की मांग की। पूर्व कैबिनेट मंत्री बेहड़ ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार कुंभकरण की नींद में सो रही है, जबकि देश का किसान अपनी मांग को लेकर महिलाओं व बच्चों सहित दिल्ली की सीमाओं पर लंबे समय से संघर्ष कर रहा है। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष जगरूप सिंह गिल, सिंह संगठन के जिला अध्यक्ष संतोख सिंह रंधावा, तराई संगठन के जिला अध्यक्ष तजेंद्र सिंह विर्क ने कहा कि आगामी 1 मार्च को रुद्रपुर में महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। अब केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आरपार की लड़ाई की योजना तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जब देश का किसान कृषि कानून के पक्ष में नहीं है तो फिर भाजपा सरकार कृषि कानूनों को किसानों पर जबरन थोपने का प्रयास क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान अब तक दर्जनों किसान शहीद हो चुके हैं, परंतु केंद्र सरकार वार्ता के नाम पर देश की जनता तथा किसानों को गुमराह करने के साथ ही आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है, परंतु किसी कीमत पर आंदोलन को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। तराई संगठन के जिला अध्यक्ष तजेंद्र सिंह विर्क ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को नोटिस जारी कर उनका मनोबल गिराने तथा किसानों को डराने का प्रयास कर रही है, जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुबह 11 बजे से शुरू हुआ किसानों का धरना प्रदर्शन शाम 4 बजे तक जारी रहा।
इस दौरान किसान नेता चरणजीत सिंह, कांग्रेस जिला महासचिव भूपेंद्र चौधरी बबलू, व्यापार मंडल जिला महामंत्री निर्मल सिंह हंसपाल पूर्व विधायक नारायण पाल, कांग्रेस नगर अध्यक्ष अरुण तनेजा, पूर्व जिला अध्यक्ष नारायण बिष्ट, प्रदेश महासचिव हरीश पनेरु आदि मौजूद रहे।
