विफलताओं से सबक
यूपी पीसीएस वर्ष 2019 के अंतिम नतीजे जारी हो गए हैं। बहुत सारे युवा अब प्रांतीय सेवा के अधिकारी बन जाएंगे। इन्होंने इसके लिए अपनी मेधा शक्ति का इस्तेमाल कर कड़ी मेहनत की और कामयाबी के नतीजे हासिल कर लिए। इनमें बहुत सारे ऐसे युवा भी हैं जिनको यह कामयाबी पहले प्रयास में नहीं मिली …
यूपी पीसीएस वर्ष 2019 के अंतिम नतीजे जारी हो गए हैं। बहुत सारे युवा अब प्रांतीय सेवा के अधिकारी बन जाएंगे। इन्होंने इसके लिए अपनी मेधा शक्ति का इस्तेमाल कर कड़ी मेहनत की और कामयाबी के नतीजे हासिल कर लिए। इनमें बहुत सारे ऐसे युवा भी हैं जिनको यह कामयाबी पहले प्रयास में नहीं मिली है।
उन्होंने चार से पांच बार पीसीएस के लिए प्रयास किए लेकिन अब जाकर वे कामयाब हो सके। जािहर है, पिछले सभी प्रयासों में विफल होने के बाद भी उन्होंने कामयाबी के लिए डगर नहीं छोड़ी। ऐसे युवाओं ने चयन के बाद कहा कि वे विफलता से निराश नहीं हुए, बल्कि पिछली विफलताओं को उन्होंने चुनौती के रूप में लिया।
पुरानी विफलताओं की कमियों से सबक लिया और उनको दूर कर और कड़ी मेहनत की। नतीजतन वे कामयाब हो ही गए। साफ है कि ये पहले हारे, उसके बाद ही जीते। असल में बहुत सारे लोग विफल होने पर कदम पीछे खींच लेते हैं। निराश हो जाते हैं। वे लक्ष्य का रास्ता छोड़ देते हैं।
कामयाबी के लिए आगे नहीं बढ़ते। ऐसे में, कई प्रयासों के बाद पीसीएस में कामयाब हुए युवा उन नौजवानों के लिए सबक हैं जो चुनौतियां सामने आने पर उनसे भागने लगते हैं और जो एक बार हार जाने पर प्रयास अधूरे छोड़ देते हैं।
जीवन में हर मोड पर बहुत सारे ऐसे मौके आते हैं जब तमाम प्रयास के बाद भी हमें अपेक्षित नतीजे नहीं मिल पाते।
ऐसा होने पर यदि हम अपेक्षित नतीजों के लिए प्रयास नहीं करते तो हम वहीं ठहर जाते हैं। आगे बढ़ने के अपने रास्ते बंद कर देते हैं। आईएएस, पीसीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं कड़ा संघर्ष और अथक मेहनत मांगती हैं। बहुत सारे युवा अफसर बनने का सपना देखते तो हैं लेकिन प्रतियोगिता की कामयाबी की कसौटी पर खरा उतरने के लिए कितने प्रयास और मेहनत करते हैं? आवश्यकता यह समझने की है कि कोई भी राह कठिन नहीं होती।
अगर ऐसा होता तो कोई भी कभी आईएएस या पीसीएस में कामयाब नहीं हो पाता, इसलिए प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना संजोने वाले युवाओं को निरंतर प्रयास करते रहने की आवश्यकता होती है। असफलता का मतलब यह नहीं कि आप कभी कामयाब नहीं होंगे लेकिन यदि आप ठहर गए तो जरूर अपनी कामयाबी के रास्तों को बंद कर लेंगे।
इसलिए बेहतर है कि असफलताओं से घबराए बिना लगातार प्रयास करते रहना, सीखना होगा, क्योंकि हार में ही जीत छुपी होती है। पीसीएस में चयनित होने वाले युवाओं को शुभकामनाएं और आगे इसकी तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी शुभकामनाएं कि उनकी मेहनत कामयाब हो पाए।
