उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने मातृभाषा दिवस पर 22 भाषा में किये ट्वीट और 24 भाषा में लिखे लेख
नई दिल्ली। उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर 22 भाषा में ट्वीट किये और 24 भाषा के विभिन्न समाचार पत्रों में लेख लिखे। उप राष्ट्रपति सचिवालय ने यहा यह जानकारी देते हुए बताया कि नायडू ने मातृभाषा का महत्व बताते हुए लेख लिखे हैं और ट्वीट किये हैं। नायडू …
नई दिल्ली। उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर 22 भाषा में ट्वीट किये और 24 भाषा के विभिन्न समाचार पत्रों में लेख लिखे। उप राष्ट्रपति सचिवालय ने यहा यह जानकारी देते हुए बताया कि नायडू ने मातृभाषा का महत्व बताते हुए लेख लिखे हैं और ट्वीट किये हैं।
नायडू ने अंग्रेजी के अलावा तेलुगू, तमिल, हिन्दी, गुजराती, कश्मीरी, कोंकणी, मराठी, ओडिया, उर्दू, मलयालम, कन्नड़, पंजाबी, नेपाली, असमिया, बंगाली, मणिपुर,बोडो, संथाली, मैथिली, डोगरी तथा संस्कृत भाषा में ट्वीट किया।
उन्होंने अंग्रेजी के टाइम्स ऑफ इंडिया, हिन्दी के दैनिक जागरण, तेलुगू के ईनाडू, तमिल के दिनातांती, मराठी के लोकमत, ओडिया के समाज, उर्दू के सियासत और आदाब, असमिया के असमिया प्रतिदिन, मैथिली के नव भारत टाइम्स, मलयालम के मातृभूमि, गुजराती के दिव्य भास्कर, बंगाली के बर्तमान, कोंकणी के भानगार भुईन , बोडो के हेयेनी राडाब, संथाली के संथाल एक्सप्रेस, नेपाली के हिमाली बेला, हमरो वार्ता, हमरो प्रजा शक्ति और दैनिक मिरमिरे, सिन्धी के हिन्दू, डोगरी के जोती डोगरी, कश्मीरी के डेली काहवट और डेली संगरमल तथा संस्कृत के सुधर्मा में लेख लिखा है।
इससे पहले नायडू ने ट्वीट में कहा कि मातृभाषाएं सिर्फ संवाद का ही माध्यम नहीं है बल्कि हमें अपनी विरासत से जोड़ती है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर जारी एक संदेश में कहा कि हमें प्राथमिक शिक्षा से ले कर प्रशासन तक, हर क्षेत्र में मातृभाषा के प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिए। अपने विचारों, अपने भावों को रचनात्मक रूप से अपनी भाषा में अभिव्यक्त करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। भाषाई विविधता सदैव ही हमारी सभ्यता का आधार रही है। हमारी मातृभाषाएं सिर्फ संवाद का ही माध्यम नहीं है बल्कि हमें हमारी विरासत से जोड़ती है, हमारी पहचान को परिभाषित करती हैं।” मातृभाषा दिवस के अवसर पर श्री नायडू ने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने मातृभाषा को प्रोत्साहन देने के लिए सांसदों को भी पत्र लिखा है।
