हल्द्वानी: प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने की पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग
हल्द्वानी,अमृत विचार। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की है। चेतावनी दी कि यदि सरकार ने महंगाई को काबू करने के लिए कारगर उपाय नहीं किए तो उग्र आंदोलन होगा। बुधवार को व्यापार मंडल की बैठक हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की लगातार …
हल्द्वानी,अमृत विचार। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की है। चेतावनी दी कि यदि सरकार ने महंगाई को काबू करने के लिए कारगर उपाय नहीं किए तो उग्र आंदोलन होगा।
बुधवार को व्यापार मंडल की बैठक हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने महंगाई को बढ़ा दिया है। लॉकडाउन और कोविड-19 से व्यापार प्रभावित हैं, ऐसे में महंगाई ने बचे हुए व्यापार को चौपट कर दिया है। इसका समाधान यही है कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। ताकि दिन ब दिन बढ़ रही महंगाई पर लगाम कसे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र व प्रदेश सरकारों को सिर्फ खजाना भरने में जुटे हुए हैं दोनों को जनहितों से कोई सरोकार नहीं है।
यदि सरकार को राजस्व की ही चिंता है तो सरकारी मशीनरी और वीआईपी को दी जाने वाली सुविधाएं में कटौती की जाए। इससे आमजन को दोहरा लाभ होगा। गुस्साए व्यापारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान में महंगाई चरम पर है। आमजन की जेब पर असर पड़ रहा है तो व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। बैठक में तय हुआ कि महंगाई पर लगाम कसने के लिए कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। बैठक में प्रदेश संगठन प्रभारी वीरेंद्र गुप्ता, राजीव अग्रवाल, मनोज जोशी, प्रभजोत चंडोक, राकेश गुप्ता, आनंद सिंह अधिकारी, जगदीश पांडे, कुबेर वोरा, भुवन जोशी, अमरजीत सेठी, नरेंद्र साहनी आदि मौजूद थे
