सख्ती अच्छे संकेत
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा प्रणाली को बर्बाद कर रहे लोगों से सख्ती से निपटने को कहा है। प्रश्नपत्र लीक होने से जुड़े एक मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए सख्त तेवर दिखाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि हमारे पास ऐसे मामले आ रहे हैं जिनमें शिक्षा प्रणाली …
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा प्रणाली को बर्बाद कर रहे लोगों से सख्ती से निपटने को कहा है। प्रश्नपत्र लीक होने से जुड़े एक मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए सख्त तेवर दिखाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि हमारे पास ऐसे मामले आ रहे हैं जिनमें शिक्षा प्रणाली को विकृत कर दिया गया है। शिक्षा प्रणाली को बर्बाद करने की कोशिश करने वाले लोगों को हम संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि उनसे सख्ती से निपटा जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी आज की मौजूदा शिक्षा प्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच बेहद अहम है। हालात सभी के सामने हैं। आज शिक्षा व्यक्ति को आदर्श नागरिक और योग्य व जिम्मेदार व्यक्ति बनाने के अपने वास्तविक उद्देश्य से पूरी तरह भटक गई है। प्रतिस्पर्धा की होड़ में शिक्षा पूरी तरह से रोजगारपरक हो गई है। शिक्षा का रोजगारपरक होना गलत नहीं है, गलत है उसमें माफिया की सेंधमारी।
ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं कि व्यावसायिक कॉलेजों में आज पढ़ाई नाममात्र की होती है। सीटें भरने के लिए कॉलेज प्रबंधन मोटी रकम लेता है और इसे देने के बाद बच्चे कॉलेज आएं या न आएं, बस उनको डिग्री मिलने की गारंटी दे दी जा रही है। हालांकि हर कॉलेज में ऐसा नहीं होता, बहुत सारे कॉलेज आज भी शिक्षा की गुणवत्ता का पालन करा रहे हैं लेकिन जो शिक्षा के नाम पर सिर्फ मोटी कमाई का धंधा कर रहे हैं वे समाज को और नौजवान पीढ़ी को कहां, किस दिशा में ले जा रहे हैं? यह अहम सवाल है।
शिक्षा प्रणाली को बर्बाद करने के लिए माफिया पेपरलीक कराने का काम भी करते हैं। जािहर है कि पढ़ने की जरूरत नहीं, पास होने की गारंटी। फिर ऐसे भला इस तरह से पास होने वाले युवक कैसे एक जिम्मेदार नागरिक बन पाएंगे? कई राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के भी मामले सामने आ चुके हैं।
10 वीं और 12 वीं की राज्य बोर्ड परीक्षाओं में भी नकल के मामले सामने आते रहे हैं। नकल करके पास होने वाले मेरिट से चयन के बाद अगर शिक्षक या राज्य कर्मचारी बन जाएंगे तो वे अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह कैसे करेंगे? ये बहुत सारे सवाल हैं, आज की शिक्षा व्यवस्था को लेकर। ऐसे में, सुप्रीम कोर्ट की चिंता और सख्ती का संदेश अच्छा संकेत है। सरकारी सिस्टम में तो इच्छाशक्ति का अभाव दिखता है लेकिन न्यायपालिका यदि शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कदम उठाती है तो निश्चित ही इसके अच्छे नतीजे सामने आ सकते हैं।
