हल्द्वानी: जिम्मेदार विभागों की लापरवाही ने अस्पताल गेट पर बनवा दिया टेंपों स्टैंड
हल्द्वानी, अमृत विचार। सुशीला तिवारी अस्पताल गेट के बाहर टेंपो व टैक्सी वाहनों की पार्किंग से आम जनमानस को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय लापरवाही के चलते एंबुलेंस वाहनों को भी अस्पताल में मरीजों को लानें व ले जाने के लिए गेट के पास भारी जद्दोजहद करनी पड़ती है। अस्पताल के आस-पास …
हल्द्वानी, अमृत विचार। सुशीला तिवारी अस्पताल गेट के बाहर टेंपो व टैक्सी वाहनों की पार्किंग से आम जनमानस को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय लापरवाही के चलते एंबुलेंस वाहनों को भी अस्पताल में मरीजों को लानें व ले जाने के लिए गेट के पास भारी जद्दोजहद करनी पड़ती है। अस्पताल के आस-पास के क्षेत्रों में वाहनों द्वारा अतिक्रमण होने से लोगों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन ऐसी स्थिति से लोगों को निजात दिलाने के नाम पर अस्पताल प्रशासन सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे है।
यहां है अतिक्रमण का जंजाल
अस्पताल गेट के ठीक बाहर ही टेंपों वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है।अस्पताल प्रशासन की शिथिलता के कारण सवारियों को बैठाने के चक्कर में टेंपो चालक दिनभर वाहनों को यही से संचालित करने लगे है। गेट चंद कदमों की दूरी पर ही लगभग दो सौ मीटर की दूरी तक दो पहिया वाहन भी बेतरतीब तरीके से खड़े रहते है। इसके अलावा सड़क के दूसरी ओर एंबुलेंस वाहनों का भारी जमावड़ा लगा रहता है। वाहनों की अधिकता व अतिक्रमण के कारण अस्पताल गेट के सामना रोजाना लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है।
जिम्मेदार भी बचते रहे जिम्मेदारियों से
अस्पताल गेट पर लगने वाले रोजाना जाम के जंजाल को हटवाने के अस्पताल प्रशासन के अधिकारिायों ने अभी तक कोई पहल नही कि है। इस मामले में बात करने पर एक –एक कर अपनी जिम्मेदारीसे मुह मोड़ अन्य अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते रहे। चिकित्सा अधिक्षक डॉ. अरुन जोशी से बात करने पर बताया कि यह जिम्मेदारी जिला प्रशासन के अधिकारियों का है, वह अस्पताल के भीतर की समस्याओं का निस्तारण कर सकते है।
इसके बाद उप जिलाधिकारी विवेक राय से इस मामल में बात हुई तो उन्होंने भी सीधे तौर पर सिटी मजिस्ट्रेट के स्तर का मामला बता कर अपनी जिम्मेदारी निभा दी। इसके अलाव आरटीओ और पुलिस के खाते में मामले को डाल छोड़ दिया। इस मामले में जब संभागीय परिवहन के सबसे बड़े अधिकारी राजीव मेहरा से बात की गई तो उन्होंने भी मामले की जिम्मेदारी लिए बगैर आरटीओ इंफोर्समेंट के पाले में मामले को टरका दिया। फिलहाल अतिक्रमण हटाने और एंबुलेंस वाहनों को खुला रास्ता दिलाने के लिए किसी अधिकारी ने अपनी हामी नहीं भरी है और न अभी तक प्रयास करने का आश्वाशन दिया।
