बरेली: नियमित नहीं, डेढ़ से दो घंटे चल रहा म्यूजिकल फाउंटेन
अमृत विचार, बरेली। स्मार्ट सिटी के तहत गांधी उद्यान के सौंदर्यीकरण और म्यूजिकल फाउंटेन के लिए स्मार्ट सिटी के तहत करीब छह करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन उसमें अब तक फव्वारा पूरे समय नहीं चल पा रहा है। पार्क में आने वाले लोगों का कहना है कि शाम को बमुश्किल डेढ़ या …
अमृत विचार, बरेली। स्मार्ट सिटी के तहत गांधी उद्यान के सौंदर्यीकरण और म्यूजिकल फाउंटेन के लिए स्मार्ट सिटी के तहत करीब छह करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन उसमें अब तक फव्वारा पूरे समय नहीं चल पा रहा है। पार्क में आने वाले लोगों का कहना है कि शाम को बमुश्किल डेढ़ या दो घंटे ही फव्वारा चलता है। बाद में बंद कर दिया जाता है जबकि नगर निगम के अधिकारी कहते हैं कि पार्क के अंदर कायाकल्प का काम अभी चल रहा है।
ट्रायल के तौर पर म्यूजिकल फाउंटेन चलाया जा रहा है। इसके बाद में इसे नियमित तौर से चलाया जाएगा। गांधी उद्यान में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कई काम होने हैं। गांधी उद्यान में 4.64 करोड़ रुपये के बजट से कायाकल्प के काम होने हैं। इसमें पार्क की सड़क के साथ जॉगिंग ट्रैक आदि बनाए जाने हैं। इसके अलावा यहां टहलने आने वालों को संगीतमय रंग-बिरंगी रोशनी वाले फव्वारे का भी आनंद मिल सके, इसके लिए भी स्मार्ट सिटी के तहत बजट स्वीकृत हुआ है।
इसके तहत म्यूजिक सिस्टम के लिए 79 लाख रुपये का बजट मंजूर हुआ था। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह काम सौ फीसदी पूरा हो चुका है। जबकि म्यूजिकल फाउंटेन का अभी करीब 80 फीसदी ही काम पूरा हुआ है। इस पर स्मार्ट सिटी का करीब 78 लाख रुपये खर्च किया जा रहा है।
पार्क में आने वाले लोगों का कहना है कि यहां लगा म्यूजिकल फाउंटेन खूब पसंद किया जा रहा है, लेकिन दिक्कत यह है कि यह फव्वारा शाम को डेढ़ से दो ही चलाया जाता है। बाकी समय इसके बंद रहने से लोगों को मायूसी हो रही है। जबकि फव्वारा पार्क में आकर्षक का केंद्र बना हुआ है।
इधर नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि फव्वारे का अभी कुछ काम बाकी रह गया है। इसलिए इसे अभी ट्रॉयल पर ही कुछ देर के लिए चलाया जा रहा है। इसमें अभी वाटर फिलिंग आदि की भी समस्या है। इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद इस फव्वारे को नियमित तौर से चलाया जाएगा। यह काम हफ्ता-दस दिन में पूरे होने की संभावना है।
गांधी उद्यान में म्यूजिकल फाउंटेन को अभी ट्रॉयल बेस पर चलाया जा रहा है। इसका कुछ काम अभी बाकी है। इसके पूरा होने के बाद ही इस फव्वारे को पूरे समय चलाया जाएगा। –संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता, नगर निगम
