हल्द्वानी: विदेशी शोध पत्रों के जरिए पीजी के छात्र गढ़ रहे सफलता की राह

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हल्द्वानी, अमृत विचार। राजकीय मेडिकल कॉलेज से शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों के लिए विदेशी शोध पत्र संजीवनी साबित हो रहे हैं। नौकरी में पदोन्नति हो या स्नातकोत्तर डिग्री की चाहत रखने वाले चिकित्सकों के लिए यह शोध पत्र बहुत उपयोगी हैं। वर्तमान में केंद्रीय पुस्तकालय में 57 विदेशी शोध पत्र और 70 भारतीय शोध …

हल्द्वानी, अमृत विचार। राजकीय मेडिकल कॉलेज से शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों के लिए विदेशी शोध पत्र संजीवनी साबित हो रहे हैं। नौकरी में पदोन्नति हो या स्नातकोत्तर डिग्री की चाहत रखने वाले चिकित्सकों के लिए यह शोध पत्र बहुत उपयोगी हैं। वर्तमान में केंद्रीय पुस्तकालय में 57 विदेशी शोध पत्र और 70 भारतीय शोध पत्र छात्रों के लिए उपलब्ध हैं।

प्रदेश के चुनिंदा पुस्तकालयों में एक केंद्रीय पुस्तकालय में इन शोध पत्र के अध्ययन से छात्रों को उच्चस्तरीय जानकारी तो मिल ही रही है। साथ ही पीजी की परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो रही है। पुस्तकालय में विश्व स्तर की ब्रिटिश जनरल ऑफ एनेसथिसिया, अमेरिकन जनरल ऑफ साइजीन, कार्डियोलॉजी टुडे आदि सहित सैकड़ों पुस्तकें मौजूद हैं।

27 हजार पुस्तकों से सजा पुस्तकालय
राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस व पीजी के कुल पांच बैच अलग-अलग संचालित हो रहे हैं। प्रत्येक बैच में 150 छात्रों को शिक्षा दी जाती है। विभागीय जानकारी के अनुसार पुस्तकालय में विभिन्न विषयों के 27 हजार से ज्यादा पुस्तकें यहां की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में अत्यंत सहायक हो रहे हैं।

बार कोड से जारी हो रही पुस्तकें
पुस्तकालय द्वारा बार कोड को स्कैन कर छात्रों को पुस्तकें जारी की जाती हैं और जमा करने के लिए इसी प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है। यही नहीं बल्कि पुस्तकालय प्रशासन द्वारा छात्रों को आधुनिक प्रणाली के जरिए सुविधा प्रदान करने के लिए कंप्यूटराइज्ड बुक लिस्ट उपलब्ध कराई जा रही है। इसके पुस्तक जारी होने के बाद छात्रों को मेल व मैसेज द्वारा सुचनाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं।

सीसीटीवी से हो रही है निगरानी
वैसे तो सुबह से ही छात्र पुस्तकालय में पहुंचने लगते हैं, लेकिन दोपहर बाद छात्रों की संख्या बढ़ने लगती है। साफ – सफाई और शांत वातावरण में पुस्तकों का अध्ययन करने के लिए छात्रों की संख्या लगभग दो सौ से भी ज्यादा पहुंच जाती है। छात्रों को बैठने के लिए अलग- अलग कमरों की व्यवस्थाए की गई है। पुस्तकालय के बाहर और भीतर सुरक्षा के लिहाज से यहां दो दर्जन से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को लगवाया गया है।

पुस्तकालय में छात्रों व शिक्षाविदों को लिए पर्याप्त शिक्षण सामग्री उपलब्ध है। यहां विश्वस्तरीय शोध पत्रों की पुस्तकों के अध्ययन के लिए छात्रों का रुझान सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। प्रत्येक छात्र के लिए इतनी महंगी पुस्तकों का खरीद पाना बेहद मुश्किल है। इन पुस्तकों की कीमत 25 हजार तक होती है। बगैर किसी शुल्क के छात्रों को पुस्तकें मुहैया कराई जाती है।

-बीएस देउपा, लाइब्रेरियन

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