बरेली: जीएसटी- नहीं भरा जुर्माना तो बढ़ेंगी मुश्किलें
अमृत विचार, बरेली। कोरोना काल में परेशान व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जीएसटी रिटर्न समय से न भरने पर सरकार ने जुर्माने की व्यवस्था की है। इसकी वजह से व्यापारियों की समस्या और बढ़ सकती है। वित्तीय वर्ष 2019-20 का जीएसटीआर 9 और जीएसटीआर 9 सी रिटर्न फाइल न करने वाले व्यापारियों पर जुर्माना …
अमृत विचार, बरेली। कोरोना काल में परेशान व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जीएसटी रिटर्न समय से न भरने पर सरकार ने जुर्माने की व्यवस्था की है। इसकी वजह से व्यापारियों की समस्या और बढ़ सकती है। वित्तीय वर्ष 2019-20 का जीएसटीआर 9 और जीएसटीआर 9 सी रिटर्न फाइल न करने वाले व्यापारियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। रिटर्न भरने में देरी पर विलंब शुल्क वसूलने का भी प्रावधान किया गया है।
जीएसटी विशेषज्ञों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2019-20 के जीएसटी रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर थी लेकिन कोरोना के चलते इसे दो महीने के लिए बढ़ा दिया गया। इसके बाद व्यापारियों को 28 फरवरी तक रिटर्न भरना था। नेटवर्किंग, सर्वर समेत कई दिक्कतें होने पर तमाम व्यापारी जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं कर सके। हालांकि, सरकार ने एक बार फिर तारीख बढ़ाकर 31 मार्च कर दी है लेकिन व्यापारियों की समस्या जस की तस बनी है।
एक आंकड़ों के मुताबिक, जिले में जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या करीब 18 हजार है। इनमें करीब 25 फीसदी व्यापारी रिटर्न दाखिल नहीं कर सके हैं। इधर, व्यापारियों का कहना है कि तारीख तो बढ़ा दी गई है लेकिन रिर्टन न दाखिल करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। जो 31 दिसंबर तक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए उनसे जुर्माना तो वसूला ही जाएगा, साथ ही विलंब शुल्क भी लिया जाएगा। इससे व्यापारी परेशान हैं।
उलझनें तमाम, फायदा कम नुकसान ज्यादा
जीएसटी से व्यापारियों को फायदा कम नुकसान ज्यादा है। कई प्रावधान ऐसे हैं जिनमें व्यापारी आज भी उलझे रहते हैं। व्यापारी संगठन जीएसटी में सुधार की मांग करते आ रहे हैं। सरकार की तरफ से कोई ठोस रणनीति नहीं बन सकी है। जो व्यापारी सही तरीके से काम करते हैं उन्हें जीएसटी के प्रावधानों से ज्यादा परेशानी होती है। जीएसटी रिटर्न की तारीख बढ़ाकर सरकार ने ठीक किया लेकिन जो खामियां हैं उन्हें भी दूर किया जाना चाहिए।
-राजेश जसौरिया, व्यापारी नेता
जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी थी। तमाम व्यापारी निर्धारित समय में रिटर्न दाखिल नहीं कर सके थे। अब तारीख बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। समय से रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई की जाएगी। जुर्माना वसूलने के साथ ही विलंब शुल्क भी देना होगा।
-गौरीशंकर, डिप्टी कमिश्नर, जीएसटी
