हल्द्वानी: होमगार्ड के कुंभ ड्यूटी पर जाने से छूटेगा नैनीताल पुलिस का पसीना

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गौरव पांडेय, हल्द्वानी। हरिद्वार कुंभ के लिए होमगार्ड की मांग आने से पुलिस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मांग के अनुरूप होमगार्ड भेजे गए तो कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी। पर्यटन सीजन के बीच फोर्स की कमी के चलते व्यवस्थाएं बरकरार रखने में नैनीताल पुलिस का पसीना छूट सकता है। …

गौरव पांडेय, हल्द्वानी। हरिद्वार कुंभ के लिए होमगार्ड की मांग आने से पुलिस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मांग के अनुरूप होमगार्ड भेजे गए तो कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी। पर्यटन सीजन के बीच फोर्स की कमी के चलते व्यवस्थाएं बरकरार रखने में नैनीताल पुलिस का पसीना छूट सकता है।

होमगार्ड महानिदेशक ने नैनीताल जिले से कुंभ ड्यूटी के लिए 300 कार्मिकों की मांग की है। इसके सापेक्ष 50 होमगार्ड 10 जनवरी को जा चुके हैं। शेष 250 कार्मिकों को दो पालियों में छह फरवरी और 30 मार्च को ड्यूटी पर रवाना किया जाना है। नैनीताल जिले में इस वक्त होमगार्ड के 572 पद हैं। कुंभ ड्यूटी में जाने के बाद यह आंकड़ा महज 272 हो जाएगा। इसके इतर ट्रैफिक पुलिस में ही 250 होमगार्ड की ड्यूटी लगाई जाती है। जबकि इसके अतिरिक्त कुमाऊं आयुक्त-डीएम कार्यालय में 100-100 कार्मिकों की ड्यूटी रहती है। हाईकोर्ट के साथ ही जीआरपी, एफसीआई आदि महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में भी होमगार्ड नियुक्त रहते हैं।

इधर, गेटवे ऑफ कुमाऊं हल्द्वानी होते हुए नैनीताल का पर्यटन सीजन भी शुरू होने वाला है। होमगार्ड नैनीताल पर्यटन सीजन में यातायात प्रबंधन की व्यवस्थाएं संभालते हैं। इसके अलावा थानों और चौकियों में होमगार्ड रोजाना के काम के साथ रात गश्त में भी पुलिस का हाथ बंटाते हैं। ऐसे में कानून और शांति व्यवस्था में मददगार साबित होने वाले होमगार्ड की भारी कमी खल सकती है।

होमगार्ड कमांडेंट ने खड़े किए हाथ
हल्द्वानी। होमगार्ड की कमी और जिले में ड्यूटियों को देखते हुए कुमाऊं कमांडेंट ने मांग के अनुसार होमगार्ड भेजने से हाथ खड़े कर दिए हैं। इस संबंध में वस्तुस्थित बताते हुए एसएसपी को पत्र लिया है। मुख्यालय से आई होमगार्ड की मांग को 300 से 200 जवान तक सीमित करने का अनुरोध किया है। ताकि स्थानीय जरुरतों पर फोर्स की कमी का असर न पड़े।

जिले में होमगार्ड की जरूरत और मांग पर मंथन किया जा रहा है। आवश्यकता पर मुख्यालय स्तर पर पत्राचार किया जाएगा। कानून एवं शांति व्यवस्था बरकरार रखने और यातायात प्रबंधन के लिए जरूरत पड़ी तो रिजर्व फोर्स को भी उतारा जा सकता है।
-प्रीति प्रियदर्शिनी, एसएसपी, नैनीताल

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